इंडियन ऑयल ने लॉन्च किया एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल ईंधन, पहले से ज्यादा माइलेज

News Date 10 Nov 2021

इंडियन ऑयल ने लॉन्च किया एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल ईंधन, पहले से ज्यादा माइलेज

एक्स्ट्राग्रीन डीजल के इस्तेमाल से रेगुलर डीजल के मुकाबले मिलेंगे कई फायदे

वर्तमान में डीजल और पेट्रोल के दामों ने लोगों की कमर तोड़ रखी है। वहीं डीजल एवं पेट्रोल से संचालित वाहनों के कारण दिल्ली सहित अनेक शहरों में भारी प्रदूषण भी फैल रहा है। प्रदूषण के कारण लोगों कई बार सांस लेना भी दूभर हो जाता है। ऐसे में जहां एक ओर सरकार ने डीजल ईंधन के विकल्प के तौर इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन और बिक्री को प्रोत्साहित करना शुरू किया है। वहीं आपको बता दें कि देश की प्रमुख ईंधन प्रदाता कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की ओर से नया एक्स्ट्रा डीजल ईंधन लांच किया है। इसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह क्लीनर और ज्यादा ईंधन कुशल है। 

देश के 63 शहरों में मिलेगा एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल

तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने देश के 63 शहरों में अपने 126 ईंधन स्टेशनों पर इस एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल को उपलब्ध भी करवा दिया है। आईओसीएल ने एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल के साथ ही ‘वन4यू’ (One4U) फ्यूल गिफ्ट कार्ड भी लांच किया है। यह एक रिटेल फ्यूल डिजिटल गिफ्टिंग साल्यूशन है। कंपनी ने इसे उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पेश किया है। ट्रक जंक्शन की इस पोस्ट में जानते हैं एक्स्ट्रा  ग्रीन डीजल से प्रदूषण कैसे होता कम और वाहनों में इसके इस्तेमाल से क्या अन्य फायदे हैं?

एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल ईंधन बचत के साथ प्रदूषण निवारक 

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की ओर से ईजाद किए गए एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल ( extra green diesel ) को उपयोग करने वाले वाहन संचालकों को इसके फायदों से अवगत कराना जरूरी है। कंपनी की मानें तो यह उपयोगकर्ता के वाहन चलाने के अनुभव को लगातार बढाते हुए पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बाजार क्षेत्रों को विशिष्ट और विशिष्ट समाधान प्रदान करने के लिए इंडियन ऑयल की अटूट प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। 

एक्स्ट्राग्रीन डीजल 6 फीसदी तक माइलेज बढ़ाने का दावा

कंपनी का दावा है कि एक्स्ट्राग्रीन डीजल का इस्तेमाल करके गाड़ी का माइलेज 5 से 6 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है।  इसके साथ ही यह क्लीन डीजल कार्बन-डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन को 130 ग्राम/ लीटर डीजल तक कम कर सकता है। इसके अलावा एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल कार्बन उत्सर्जन को 5.29 प्रतिशत और नाइट्रोजन उत्सर्जन को 4.99 प्रतिशत तक कम करता है। इसमें काफी मात्रा में चिकनाई, कम इंजन शोर और बेहतर जंग संरक्षक है। इंडियनऑयल के आर एंड डी डिपार्टमेंट के अनुसार, नए एक्स्ट्राग्रीन डीजल में मॉडिफाइड ष्ठरूस्न्र (डीजल मल्टी-फंक्शनल एडिटिव) है, जिसमें रेगुलर डीजल के मुकाबले कई तरह के फायदे हैं।

आने वाले समय में बढ़ेगी उपलब्धता 

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की ओर से आने वाले समय में एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल की उपलब्धता बढ़ाये जाने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी के अनुसार इस प्रोजेक्ट का विस्तार किया जाएगा। वहीं नया एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल उत्सर्जन को कम करने और वाहन की ईंधन दक्षता में सुधार के लिए मॉडिफाई यानि डीजल मल्टी फंक्शनल एडिटिव का उपयोग करता है। इसके अलावा इस ईंधन के बारे में इंडियन ऑयल कारपोरेशन के चेयरमैन श्रीकांत महादेव वैद्य ने कहा है कि एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल भारत को हरित कल की ओर ले जाने, कार्बन उत्सर्जन में निरंतर कमी लाने एवं वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य लक्ष्य की क्रमिक उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। 

बायोडीजल भी है बेहतर ईंधन विकल्प 

यहां बता दें कि एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल की तरह ही बायो डीजल भी एक ऐसा विकल्प है जिससे ईंधन की लागत में बचत होती है और इससे प्रदूषण कम होता है। यह जैविक स्त्रौतों से प्राप्त किया जा सकता है। परंपरागत डीजल इंजनों को बिना परिवर्तित किए ही वाहन चलाए जा सकते हैं। भारत का पहला बायोडीजल संयंत्र आस्ट्रेलिया के सहयोग से स्थापित किया गया। 

ऐसे कर सकते हैं बायोडीजल का इस्तेमाल 

बायोडीजल शत-प्रतिशत एक स्वच्छ और परिमार्जित विकल्प है। इसे भविष्य का ईंधन माना जा रहा है। इसमें पेट्रोलिय पदार्थ नहीं होते। इसे समान अनुपात में पेट्रोल में मिलाकर सभी प्रकार के वाहनों में प्रयोग किया जा सकता है। यह विषैला नहीं होता बल्कि बायोडिग्रेडेबल है। यहां बता दें कि बायोडीजल वनस्पति तेलों से प्राप्त अन्य वैकल्पिक ईंधनों से भिन्न है। बायोडीजल को बिना किसी परिवर्तन किए ही डीजल इंजनों में प्रयोग कर सकते हैं जबकि वनस्पति तेलों से प्राप्त ईंधनों को केवल इग्निशन कम्बस्शन वाले इंजनों में ही प्रयोग में ले सकते हैं। 

ऐसे तैयार होता है बायोडीजल 

प्रदूषण को कम करने और सस्ते ईंधन के रूप में बायोडीजल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके निर्माण की प्रक्रिया को ट्रांस-इंस्टरीकरण कहा जाता है। इस प्रकिया में वनस्पति तेल या वसा से ग्लेसरीन को निकालना होता है। इस प्रकिया में मेथिल इस्टर और ग्लीसरीन आदि सह उत्पाद भी शामिल होते हैं। बायो डीजल में सल्फर और अरोमैटिक्स नहीं होते, जो कि परंपरागत ईंधनों में पाए जाते हैं। बायोडीजल में सबसे बढिया बात यह है कि यह दूसरे ईंधनों की भांति पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं है। इसके अलावा यह ऐसे स्त्रोतों से प्राप्त होता है जिन्हे दुबारा नया किया जा सकता है। इसके अलावा बायोडीजल अन्य ईंधनों की तरह प्रदूषण करने वाला धुंआ पैदा नहीं करता है।

 

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