ट्रक में सीएनजी किट लगवाने से पहले जान लें परिवहन विभाग का नया नियम

News Date 12 Oct 2021

ट्रक में सीएनजी किट लगवाने से पहले जान लें परिवहन विभाग का नया नियम

वाहन के इंजन मॉडल का मिलान भी है जरूरी 

पिछले काफी दिनों से देश में डीजल और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परेशान होकर खास तौर पर कमर्शियल वाहन जैसे ट्रक, टिपर, पिकअप, थ्री व्हीलर सहित कार मालिक भी ईंधन बचत के लिए सीएनजी किट लगवाने लगे हैं। हालांकि इस वर्तमान में सरकार की ओर से सभी वाहन मालिकों और वाहन निर्माता कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है लेकिन अत्याधुनिक हाईब्रिड इंजन वाले ट्रकों और कारों में सीएनजी किट लगवाने के बाद एक समस्या सामने आ रही है। जब सीएनजी किट लगवाने के बाद लोग क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय जाते हैं तो उन्हे पता चलता है कि इसके रजिस्ट्रेशन में पहले ही पेट्रोल और बैटरी का विकल्प दिया गया है जबकि तीसरे विकल्प के रूप में सीएनजी को रजिस्ट्रेशन कार्ड में कोई जगह नहीं दी जा सकती। ऐसी स्थिति में लोग आरटीओ संबंधित डीलरों के यहां चक्कर काटने को मजबूर हैं। 

यहां बता दें कि डीजल और पेट्रोल की कीमतें ज्यादा बढऩे के कारण वाहनों में सीएनजी किट लगवाने वालों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। यहां तक कि अनेक लोग सीएनजी लगे वाहन ही खरीद रहे हैं। उधर कार या ट्रक का इंजन हाईब्रिड होने के कारण रजिस्ट्रेशन कार्ड को अपडेट करना मुश्किल है। यहां बता दें कि परिवहन विभाग की ओर से भी सीएनजी किट लगवाने के कुछ खास नियम हैं यदि इनकी जानकारी पहले से कर ली जाए तो आप अपने वाहन में सीएनजी किट लगवाने के लिए  व्यर्थ में परेशान नहीं होंगे। 


आरटीओ ने मांगी मुख्यालय से सलाह 

वाहनों में सीएनजी किट लगवाने के बाद आरटीओ के चक्कर लगाने के अलावा ऑटोमोबाइल शो रूम पर भी अनेक ऐसे लोग पहुंच रहे हैं जिन्होंने अभी हाल सीएनजी लगवाई है। वे कार के दस्तावेजों में इसे दर्ज करने की मांग करते हैं। आरटीओ विभाग के अनुसार इस तरह की समस्या को लेकर स्मार्ट चिप कंपनी से बात करने के बाद मुख्यालय से भी सलाह मांगी गई है। 


आरटीओ कार्यालय जाकर पता चलती है हकीकत

यहां बता दें कि कोई ट्रक या अन्य वाहन मालिक अपने वाहन में सीएनजी किट लगवाता है तो उसे असलियत आरटीओ विभाग जाने के बाद ही पता चलती है।  यह हकीकत है उसकी गाडी में हाईब्रिड इंजन लगे होने की। ऐसे में आरटीओ विभाग उसे अपडेट नहीं कर सकता। अधिकांश लोग जानकारी के अभाव में सीएनजी किट तो लगवा चुके हैं लेकिन अब वे परेशानियों से जूझ रहे हैं। परेशान वाहन मालिक आरटीओ से मांग कर रहे हैं कि उन्हे लिख कर दे दिया जाए कि उनकी गाडी हाईब्रिड नहीं पेट्रोल से संचालित है। वहीं आरटीओ विभाग कहता है कि ऐसा लिख कर देना संभव नहीं है। 


बीमा कंपनी क्लेम से मुकर सकती है

अगर वाहन खरीदने के बाद आप अपने वाहन में किसी तरह का बदलाव करवाना चाह रहे हैं तो इसकी जानकारी आरटीओ विभाग कार्यालय में देना अनिवार्य है।  यही नहीं इससे बीमा कंपनी को भी समय रहते अवश्य अवगत कराएं। यदि ऐसा नहीं किया गया तो आप वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर क्लेम के लिए आवेदन करेंगे तो बीमा कंपनी आपके क्लेम दावे को सीधे खारिज कर सकती है। 


सीएनजी किट से है आग लगने का खतरा 

देश में सीएनजी वाहनों में आग लगने का खतरा ज्यादा रहता है। इस तरह की अनेक घटनाएं हो चुकी हैं।  इन घटनाओं से चिंतित सडक़ सुरक्षा संस्था इंटरनेशनल रोड फैडरेशन ने केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से सडक़ों पर पहले से चल रही कारों में बाद में सीएनजी किट लगाने पर डिजीटल निगरानी प्रणाली समेत कठोर तकनीकी जरूरतों के नियम फौरन लागू करने का आग्रह किया है। 


सीएनजी किट (CNG KIT) वाले वाहन मालिक इन बातों का रखें ध्यान

  • सीएनजी रिड्यूसर कार्टिज को 20, 000 और लो प्रैशर कार्टिज को 40,000 किमी के बाद बदलवा लेना चाहिए। 
  • जिन इलाकों में तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रहता हो वहां पर सीएनजी कारों को लंबे समय तक धूप में पार्क नहीं करना चाहिए। 
  • ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे टैंक को अधिकतम सीमा तक नहीं भरवाएं। गर्मी के माहौल में थर्मल एक्सटेंशन के चलते ऐसी सलाह दी जाती है। 
  • गवर्नमेंट ऑथराइज्ड सीएनजी स्टेशन से ही ऑथराइज्ड सीएनजी किट लगवाएं और सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। 
  • लोकल ब्रांड की सीएनजी किट कभी नहीं लगवाएं। 
  • हर छह महीने में सीएनजी किट के टैंक की सर्विसिंग करवा लेनी चाहिए। 


मोटर वाहन के रूप में सीएनजी के ये हैं फायदे 

ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में मोटरवाहन के रूप में सीएनजी किट लगवाने के कई फायदे हैं। सबसे पहले तो सीएनजी किट से परिचालन लागत खर्च कम आता है। इससे प्रदूषण नहीं होता। ईंधन की बचत होती है। इसके अलाव लुब्रिकेटेड ऑयल के जीवनकाल में वृद्धि होती है। 540 सेेंटीग्रेड का ऑटो इग्निशन उच्च तापमान मिलता है। 


सीएनजी वाहनों के कन्वर्जन किट की कीमत 

आप यदि अपने वाहन में सीएनजी किट लगवाना चाह रहे हैं तो यह जरूरी है कि आपको इसकी कीमत की पूरी जानकारी होनी चाहिए। यहां बता दें कि थ्री व्हीलर और चौपहिया वाहनों के लिए सीएनजी कन्वर्जन किट की कीमत करीब 30, 000 रुपये से 40, 000 रुपये होती है वहीं बसों एवं ट्रकों के लिए इसकी कीमत अनुमानित 3 लाख रुपये है। यहां यह भी बता दें कि किसी वाहन में सीएनजी किट लगाने के बाद  भी उस वाहन में पेट्रोल कार्बोरेटर और ईंधन टैंक लगाए रखा जा सकता है। जरूरत पडऩे पर डैश बोर्ड पर लगे स्विच को घुमा कर वाहन को सीएनजी या पेट्रोल किसी पर भी चलाया जा सकता है। इस प्रकार वाहन को दोहरे ईंधन पर चलाया जा सकता है।

 

क्या आप नया ट्रक खरीदना, डीज़ल ट्रक, पेट्रोल ट्रक, इलेक्ट्रिक ट्रक या पुराना ट्रक बेचना चाहते हैं, किफायती मालाभाड़ा से फायदा उठाना चाहते हैं, ट्रक लोन, फाइनेंस, इंश्योरेंस व अन्य सुविधाएं बस एक क्लिक पर चाहते हैं तो देश के सबसे तेजी से आगे बढ़ते डिजिटल प्लेटफार्म ट्रक जंक्शन पर लॉगिन करें और अपने फायदे की हर बात जानें।

Follow us for Latest Truck Industry Updates-
FaceBook  - https://bit.ly/TruckFB
Instagram - https://bit.ly/TruckInsta
Youtube    -  https://bit.ly/TruckYT

अन्य समाचार

टूल फॉर हेल्प

Cancel

अपना सही ट्रक ढूंढें

नए ट्रक

ब्रांड्स

पुराना ट्रक