सेना को मिले अशोक लेलैंड के लाइट बुलेट प्रूफ व्हीकल, बुलेट-ग्रेनेड के हमले होंगे बेअसर

सेना को मिले अशोक लेलैंड के लाइट बुलेट प्रूफ व्हीकल, बुलेट-ग्रेनेड के हमले होंगे बेअसर

आतंकरोधी अभियान में भारतीय सेना की करेंगे मदद, दुश्मन के खेमे में मचाएंगे तबाही

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड ने देश सेवा और सुरक्षा की दिशा में एक शानदार कदम बढ़ाया है। अशोक लेलैंड ने भारतीय वायुसेना को हल्के बुलेट प्रूफ व्हीकल की एक खेप सौंपी है। ये वाहन भारतीय वायुसेना को बहुत अधिक मजबूती प्रदान करेंगे और आतंकवाद रोधी अभियान में विशेष मदद करेंगे। ये वाहन किसी भी हमले से अंदर बैठे जवानों की सुरक्षा करते हैं। ये वाहन बुलेट और ग्रेनेड के हमले को भी झेल सकते हैं। भारतीय वायुसेना को सौंपे गए इन लाइट बुलेट प्रूफ वाहनों में उच्च ऑफ रोडिंग क्षमता दी गई है जिससे किसी भी स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने का भरोसा भी मिलता है। आपको बता दें कि अशोक लेलैंड हिंदुजा ग्रुप की प्रमुख कंपनी है और भारत में लाइट और हैवी कमर्शियल वाहनों के साथ-साथ रक्षा उपकरण भी बनाती है।


अशोक लेलैंड के लाइट बुलेट प्रूफ वाहन : पहाड़ी रास्ते, उथले पानी, कीचड़ और रेत में देंगे सेना का भरपूर साथ

अशोक लेलैंड की ओर से भारतीय वायुसेना के लिए तैयार किए गए लाइट बुलेट प्रूफ व्हीकल मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही बनाए गए हैं। ये व्हीकल पहाड़ी क्षेत्र, उथले पानी, कीचड़ और रेत में समान रफ्तार से चल सकते हैं। इनमें दी गई सभी तकनीक समान रूप से काम कर सकती हैं। इन वाहनों में 6 लोगों के चालक दल को ले जाया जा सकता है, साथ ही इसमें मिशन के लिए उपकरण ले जाने के लिए पर्याप्त जगह भी दी गई है। आपको बता दें कि अशोक लेलैंड ने भारतीय वायुसेना को 13 अप्रैल को पहली खेप सौंपी है। आने वाले दिनों में और भी बुलेट प्रूफ वाहनों की सप्लाई की जाएगी। वहीं अशोक लेलैंड जल्द ही सेना के लिए और भी कई व्हीकल विकसित करने वाली हैं।


स्वदेशी तकनीक से बने वाहन आतंकवाद  रोधी अभियान में आएंगे काम

इंडियन एयर फोर्स को मिले ये लाइट बुलेट प्रूफ व्हीकल आतंकरोधी अभियान में सक्रिय भूमिका अदा करेंगे। अशोक लेलैंड के अनुसार ये हल्के बुलेटप्रूफ वाहन लॉकहीड मार्टिन के कॉमन व्हीकल नेक्स्ट जनरेशन (CVNG) का एक अपनाया हुआ संस्करण हैं। इन वाहनों को अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने डवलप कर पूरी तकनीक को भारत में ट्रांसफर किया है। कंपनी ने बताया है कि ये वाहन पूरी तरह स्वदेशी हैं और इनका विकास भारत में ही किया गया है। ये वाहन किसी भी हमले से अंदर बैठे जवानों की सुरक्षा करते हैं। ये वाहन बुलेट और ग्रेनेड के हमले को भी झेल सकता है। 


डिफेन्स इक्विपमेंट और व्हीकल सेक्टर में देश बनेगा आत्मनिर्भर 

अशोक लेलैंड के प्रबंध निदेशक और सीईओ विपिन सोंधी ने कहा कि इस तरह के प्रयासों से भारत रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को आपूर्ति करना कंपनी के लिए लिए गर्व की बात है। हमें अपने राष्ट्र की सेवा में गतिशीलता में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने में सक्षम होने का अवसर मिला है। ये वाहन हमारी टीम की क्षमता का एक और उदाहरण हैं जो कठिन परिस्थितियों में आवश्यक समझ की एक मजबूत भावना के साथ संयुक्त है। उन्होंने कहा कि वे भारतीय सशस्त्र बलों के एक विश्वसनीय भागीदार होने के लिए आभारी हैं और भारत को डिफेन्स इक्विपमेंट और व्हीकल सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की कामना करते हैं।


महिंद्रा भी भारतीय सेना को सौंपेगी 1300 वाहनों की खेप

देश की जानी मानी वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा की विंग महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड ने रक्षा मंत्रालय के साथ हाल ही में भारतीय सेना के लिए 1300 लाइट स्पेशलिस्ट वाहनों की आपूर्ति के लिए एक करार किया है। इनकी डिलीवरी की समय सीमा 4 साल है और वाहनों की कीमत 1,056 करोड़ रुपए अनुमानित है। महिंद्रा डिफेंस सिस्टम लिमिटेड द्वारा निर्मित ये वाहन पूरी तरह से 'मेड-इन-इंडिया' होंगे और ये वाहन लाइट कॉम्बैट वाहन है, और छोटे हथियारों के हमले से बचाव के लिए पूरी तरह से कारगर साबित होंगे। साइज में छोटी ये गाडिय़ां ऑपरेशन एरिया में आसानी से मूवमेंट कर सकती हैं।

 

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