फास्टैग से भारी फायदा : 20 हजार करोड़ रुपए के डीजल-पेट्रोल की बचत

फास्टैग से भारी फायदा : 20 हजार करोड़ रुपए के डीजल-पेट्रोल की बचत

फास्टैग : ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े वाहनों को सबसे ज्यादा फायदा

पूरे देश में 16 फरवरी से फास्टैग अनिवार्य हो गया है। इसके बाद से फास्टैग के कारण जहां हाईवे पर दौडऩे वाले वाहनों को पेट्रोल व डीजल की बचत हो रही है। वहीं देशभर में टोल प्लाजा का एक दिन का कलेक्शन 100 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। सरकार ने जिस उद्देश्य के लिए पूरे देश में एक साथ फास्टटैग लागू किया था वह पूरा होता दिख रहा है।  देश में 16 फरवरी से फास्टैग लागू होने के बाद से बिना फास्टैग के कोई भी वाहन टोल प्लाजा से नहीं गुजर सकता है। अगर कोई वाहन बिना फास्टैग के टोल प्लाजा से गुजरेगा तो उसे दोगुना टोल देना होगा। अब आंकड़े बता रहे हैं कि फास्टैग से एक दिन का कलेक्शन 100 करोड़ रुपए के अधिक पहुंच गया है। वहीं, यह तकनीक ईंधन की बचत और प्रदूषण कम करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। फास्टैग ने हाल ही में 20 हजार करोड़ रुपये का ईंधन (पेट्रोल-डीजल) बचाया है। 

 

डीजल-पेट्रोल की एक बूंद भी बचाना अपना मुनाफा बढ़ाना 

फास्टैग का सबसे ज्यादा फायदा ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े ट्रक, ट्रैक्टर, डंपर, थ्री व्हीलर, पिकअप, मिनी ट्रक और टिपर जैसे वाहनों को हो रहा है। क्योंकि डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से बीच डीजल-पेट्रोल की एक बूंद भी बचाना अपना मुनाफा बढ़ाना है।

 

डिजिटल टोल कलेक्शन से ट्रैफिक जाम खत्म करने का प्रयास

केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि फास्टैग सिस्टम तेजी से सामान्य हो रहा है। फास्टैग सिस्टम के लागू होने से सरकार को 20 हजार करोड़ रुपये के ईंधन की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर लगने वाले समय को और कम करने पर लगातार काम किया जा रहा है, ताकि लोगों का समय बचने के साथ-साथ ईंधन की बचत हो और प्रदूषण में कमी आए। गडकरी ने कहा कि देश में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाईवे पर दिन-रात वाहन दौड़ रहे हैं। सरकार डिजिटल टोल कलेक्शन के जरिए टोल प्लाजा पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करना चाहती है, इसमें सरकार को सफलता भी मिल रही है, फिर भी अगर भविष्य में कभी टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हुई तो सरकार ने इसका भी इंतजाम सोच रखा है। 


रियल टाइम ऑनलाइन ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप से ऐसे मिलेगा फायदा

सडक़ परिवहन मंत्रालय ने एक रियल टाइम ऑनलाइन ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम का ऐप लांच किया है। इस ऐप के माध्यम से आप जान सकेंगे कि किस टोल प्लाजा पर कितना टै्रैफिक जाम लगा हुआ है। इस हिसाब से आप अना रूट और प्लान बदल सकते हैं। इस ऐप पर आपको हर दिस मिनट में टोल नाकों का अपडेट मिलता रहेगा। 


डेली टोल कलेक्शन 104 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंचा

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई के अनुसार नेशनल व स्टेट हाईवे पर फास्टैग के जरिए डेली टोल कलेक्शन लगभग 104 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। एनएचएआई ने जानकारी दी है कि 25 फरवरी को 64.5 लाख से ज्यादा वाहन टोल प्लाजा से गुजरे जिससे 103.94 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ। आंकड़ों के हिसाब से ये कलेक्शन अब तक का सबसे ज्यादा है। उल्लेखनीय है कि 16 फरवरी से पहले तक करीब 80 फीसदी वाहन फास्टैग के जरिए ही पेमेंट कर रहे थे। बाकी 20 फीसदी लोग भी इसी तरह से पेमेंट करें इसके लिए मोदी सरकार ने 16 फरवरी से फास्टैग को अनिवार्य कर दिया है।

मिनिमम अमाउंट हटाने का किया फैसला

हाल ही में नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने फास्टैग खाते में मिनिमम अमाउंट को भी हटाने का फैसला किया। एनएचएआई ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य तेजी से इसकी पहुंच को बढ़ाना है। जिससे बिना किसी रुकावट के आवाजाही हो सके और टोल प्लाजा पर लगने वाले समय में कमी आए।
 

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