वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी : बीस साल से ज्यादा पुराने वाहन जून 2024 से होंगे डी-रजिस्टर्ड

वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी : बीस साल से ज्यादा पुराने वाहन जून 2024 से होंगे डी-रजिस्टर्ड

15 साल से ज्यादा पुराने कमर्शियल व्हीकल अप्रैल 2023 से डी-रजिस्टर्ड होंगे

देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर को गति देने के लिए केंद्र सरकार कई नीतियों पर काम कर रही है। इसी संदर्भ में वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी की रूपरेखा का लोकसभा में ऐलान किया जा चुका है। देश के आटोमोबाइल सेक्टर का आकार वर्तमान में 4.5 लाख करोड़ रुपए का है जो अगले पांच वर्षों में बढक़र 10 लाख करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। नई व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी की घोषणा करते हुए सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 1 जून 2024 से 20 साल से अधिक पुराने निजी वाहनों को डी-रजिस्टर्ड किया जाएगा। यानि की उनका पहले का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा ताकि वे सडक़ पर चलने योग्य नहीं रहे। इसी तरह 15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों को 1 अप्रैल 2023 से डी-रजिस्टर्ड कर दिया जाएगा। 


व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी : अब पुरानी गाड़ी रखना होगा महंगा शौक

नई व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी में पुरानी गाडिय़ों को सडक़ों से हटाने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। अब पुराने वाहनों को रखना, रजिस्ट्रेशन कराना और फिटनेस रिन्यू कराना महंगा होगा। प्रस्तावित पॉलिसी के अनुसार ऐसी गाडिय़ां जो फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाएंगी या जिनका दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, उनको एंड ऑफ लाइफ व्हीकल घोषित कर दिया जाएगा। यानी ऐसे वाहन सडक़ों पर नहीं चल सकेंगे। केंद्रीय मंत्री गडक़री के अनुसार पॉलिसी में 15 साल पुराने कमर्शियल गाडिय़ों को फिटनेस सर्टिफिकेट पाने में विफल रहने पर डी-रजिस्टर करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को फिटनेस टेस्ट कराने के लिए ज्यादा टैक्स भी देना होगा। इसके अलावा 20 साल पुरानी ऐसी गाड़ी जो फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाएंगे या दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे, उनको डी-रजिस्टर किया जाएगा। वहीं 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को दोबारा रजिस्टर्ड कराने के लिए ज्यादा पैसा देना होगा। ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुधार करार देते हुए गडकरी ने कहा कि इससे सडक़ सुरक्षा में सुधार, वायु प्रदूषण में कमी और तेल आयात में कमी आएगी।


जानिएं, आपकी गाड़ी स्क्रैपिंग पॉलिसी के प्रावधानों में शामिल है या नहीं 

इस नीति के दायरे में 20 साल से ज्यादा पुराने लगभग 51 लाख हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) और 15 साल से अधिक पुराने 34 लाख अन्य एलएमवी आएंगे। केंद्रीय मंत्री के अनुसार पॉलिसी के तहत 15 लाख मध्यम और भारी गाडिय़ा भी आएंगे जो 15 साल से ज्यादा पुराने हैं और वर्तमान में इनके पास फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं है।।


जानिएं कब लागू होंगे व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी के नियम

व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी को जर्मनी, ब्रिटेन, जापान जैसे देशों के विश्वस्तरीय मानकों के आधार पर तैयार किया गया है।  मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फिटनेस टेस्ट और स्क्रैपिंग सेंटर से जुड़े नियम एक अक्टूबर 2021 से लागू होंगे। वहीं, सरकारी और पीएसयू से जुड़े 15 साल पुरानी गाडिय़ों को स्क्रैप करने वाले नियम एक अप्रैल 2022 से लागू होंगे। इसके अलावा कमर्शियल व्हीकल्स के लिए आवश्यक फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम एक अप्रैल 2023 से लागू होंगे। वहीं अधिक प्रदूषित शहरों में निजी वाहनों के लिए अनिवार्य फिटनेस टेस्ट प्रमाण पत्र की समस सीमा पूरे देश के लिए निर्धारित समय सीमा की तुलना में 6 से 8 महीने पहले होगी। 


नया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन देने का विचार

नई स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत केंद्र सरकार नया वाहन खरीदने पर कई तरह के प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है। गडकरी ने संसद के दोनों सदनों को बताया कि लोगों को अपने पुराने वाहनों को चलाने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन दिए जाएंगे। उनके मंत्रालय ने प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को रोकने के बदले नए वाहन खरीदने पर जीएसटी में कुछ राहत देने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि मैं नए वाहनों की कीमत में 5 प्रतिशत छूट की पेशकश करने के लिए वाहन निर्माताओं से आग्रह करता हूं। गडकरी ने कहा कि राज्यों को रोड टैक्स में छूट देने की भी सलाह दी जा रही है यदि वे ऐसा करेंगे तो उन्हें जीएसटी से बहुत अधिक फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इससे राज्य और केंद्र दोनों का राजस्व बढ़ेगा। गडकरी ने दावा किया कि यह सभी के लिए जीत की नीति है। 


स्क्रैपिंग से पैदा होंगे 35 हजार नौकरियों के अवसर 

गडकरी ने कहा कि स्क्रैप उद्योग से टर्नओवर 7.2 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है और यह नीति 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश को प्रोत्साहित करेगी और 35 हजार नौकरियां पैदा करेगी। वहीं फिटनेस टेस्ट पास करने में विफल रहने वाले वाहनों के लिए पर्याप्त सुविधाएं बनाने के लिए, सडक़ परिवहन मंत्रालय पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों की स्थापना के लिए एक मसौदा बनाया गया ह। प्रस्ताव के अनुसार, वाहन मालिक पुराने वाहन को देश के किसी भी स्क्रैपिंग सेंटर में ले जाने के लिए स्वतंत्र होगा और वह नए वाहन खरीदने के लिए किसी भी प्रोत्साहन का लाभ उठाने के लिए किसी को भी स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र हस्तांतरित कर सकता है। इसमें कहा गया है कि स्क्रैपिंग सेंटर को वाहनों के वास्तविक स्वामित्व का सत्यापन करना होगा ताकि उन्हें स्क्रैपिंग के लिए स्वीकार किया जाएगा। वहीं स्क्रैपिंग सेंटर चोरी के वाहनों को स्क्रैप नहीं कर सकेंगे। 

 

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