मई 2022 में इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर की बिक्री में 1100 प्रतिशत की वृद्धि

News Date 28 Jun 2022

मई 2022 में इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर की बिक्री में 1100 प्रतिशत की वृद्धि

इलेक्ट्रिक थ्री व्हीकल सेल्स रिपोर्ट मई 2022, कुल 23 हजार 321 यूनिट बेची

भारत में तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में ई- थ्री व्हीलर्स की सेल सबसे ज्यादा हो रही है। हाल ही जारी फेडरेशन ऑफ डीलर एसोसिएशन अथॉरिटी FADA की मई 2022 की सेल्स रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि पिछले साल के मुकाबले मई 2022 में इलेक्ट्रिक वाहनों की सभी श्रेणियों में वृद्धि हुई है लेकिन थ्री व्हीलर्स में ये वृद्धि अधिक तेज देखी गई। इसके पीछे सरकारी दबाब बड़ा कारण बताया जा रहा है। इस सेगमेंट में तिपहिया वाहन निर्माताओं में वाईसी इलेक्ट्रिक का दबदबा रहा है। इसने महत्वपूर्ण अंतर से थ्री व्हीलर्स की खुदरा बिक्री में सेरा इलेक्ट्रिक और अन्य कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। वाईसी इलेक्ट्रिक कंपनी ने मई माह में 2,045 थ्री व्हीलर्स की इकाइयों का बेचान किया। यह बिक्री मई 2021 के मुकाबले 1103 प्रतिशत अधिक थी। यहां ट्रक जंक्शन की पोस्ट में आपको साल दर साल की तुलनात्मक रिपोर्ट के आधार पर पूरी जानकारी दी जा रही है।

आंतरिक दहन इंजन का इलेक्ट्रिक में 45 प्रतिशत हिस्सा शिफ्ट

इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में निरंतर वृद्धि को लेकर फेडा का यह भी कहना है कि थ्री व्हीलर मार्केट में आंतरिक दहन इंजन से इलेक्ट्रिक में एक सामरिक बदलाव देखा जा रहा है। इसमें थ्री व्हीलर मार्केट का 45 प्रतिशत हिस्सा ईवीएम में शिफ्ट हो रहा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का भी बिक्री पर असर पड़ा है। वहीं थ्री व्हीलर इलेक्ट्रिक सेगमेंट को बैटरी स्वैपिंग और बैटरी सर्विस जैसी सेवाओं से और बढ़ावा मिला है। यदि इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर खुदरा बिक्री की बात की जाए तो मई 2022 में यह 1100 प्रतिशत बढ़कर 23,321 इकाई हो गई। यह मई 2021 में बेची गई 1,944 इकाइयों से अधिक थी। इसके अलावा अप्रैल 2022 में बेची गई 21,053 इकाइयों पर 11 प्रतिशत माह दर माह वृद्धि थी।

वाईसी इलेक्ट्रिक ने बेचे सर्वाधिक ई- थ्री व्हीलर्स

यहां बता दें कि मई 2022 में इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर, रिक्शा बिक्री में सबसे बड़े विक्रेता के रूप में वाईसी इलेक्ट्रिक रहा। मई 2022 में इसकी 2,045 इकाइयों की बिक्री हुई। यह मई 2021 के मुकाबले 170 इकाई अधिक थी। वहीं अप्रैल 2022 में बेची गई 1,885 इकाइयों की तुलना में माह दर माह खुदरा बिक्री में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वाईसी इलेक्ट्रिक के पास अपने लाइनअप में यात्री, डीलक्स, ईलोडर और वाईसी हैं।

सेरा इलेक्ट्रिक रहा नंबर दो पर

बता दें कि इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर्स की बिक्री में सेरा इलेक्ट्रिक ने मई 2022 वाईसी इलेक्ट्रिक के बाद ई- थ्री व्हीलर्स बिक्री में दूसरा स्थान प्राप्त किया। सेरा इलेक्ट्रिक ने 1,367 इकाइयों की सेल की जो मई 2021 में बेची गई 99 इकाइयों से 1281 प्रतिशत अधिक थी। इसके अलावा अप्रैल 2022 में बेची गई 1,171 इकाइयों से 17 प्रतिशत माह दर माह वृद्धि ज्यादा रही। 

इन कंपनियों ने भी बेचे अधिक व्हीकल

प्रमुख ई थ्री व्हीलर निर्माताओं के अलावा अन्य कई कंपनियों ने भी ई थ्री व्हीलर के कारोबार में मई 2022 में खासा लाभ कमाया। दिल्ली इलेक्ट्रिक ने 1,019, चैम्पियन पॉली प्लास्ट ने 940 इकाइयों की बिक्री कर क्रमश: चौथा और पांचवा स्थान प्राप्त किया है। फेडा की रिपोर्ट के अनुसार महिंद्रा इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर खुदरा बिक्री पिछले महीने 826 इकाइयों की थी। यह 2021 में बेची गई 97 इकाइयों की तुलना में 752 प्रतिशत अधिक थी। उधर यूनिक इंटरनेशनल और मिनी मेट्रो इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर ने भी क्रमश: 1162 प्रतिशत और 2792 प्रतिशत की अपेक्षित वृद्धि दर्ज की है। जबकि एमओएम की बिक्री में 11 प्रतिशत एवं 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके अलावा अप्रैल 2022 में इन कंपनियों ने क्रमश: 696 इकाइयों और 638 इकाइयों की बिक्री दर्ज कराई।

इलेक्ट्रिक 3 व्हीलर्स की बिक्री इसलिए ज्यादा

आपको बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहनों में सबसे ज्यादा थ्री व्हीलर्स की बिक्री क्यों बढ़ रही है? इसकी मुख्य वजह एक तो यह है कि ये वाहन पैसेंजर और कार्गो इन दोनो की उपयोगिता के लिए उपयुक्त हैं। वहीं अंतिम मील प्रयोजन के लिए इनसे बेहतर कोई वाहन हो नहीं सकता। उधर केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से भी जो ईवी को बढ़ावा मिल रहा है उससे थ्री व्हीलर निर्माता कंपनियों का होसला बढ़ रहा है। वे इस क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश कर रहे हैं।

इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार 2026 तक 90,000 करोड़ रु.होगा

जिस तरह से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ रहा है उसे देखते अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले 4 सालों में भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के कुल कारोबार में मूल उपकरण  निर्माताओं की हिस्सेदारी 1.5 लाख करोड़ होगी। वहीं इस कारोबार में फाइनेंस करने वालों के लिए यह कारोबार लगभग 90,000 करोड़ रुपये का हो जाएगा। यह क्रिसिल की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है। यह कल्पना कर बड़ा सुखद हो सकता है कि जब सडक़ों पर अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन ही दौड़ेंगे तो पर्यावरण स्वच्छ रहेगा। लोगों को वाहनों के धुएं के प्रदूषण से निजात मिल सकेगी।

इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में डबल अवसर

जैसे-जैसे लोग डीजल और पेट्रोल के वाहनों से अलग होते जाएंगे तो जाहिर है कि वे इलेक्ट्रिक सेगमेंट की ओर ही रुख करेंगे। क्रिसिल रेटिंग एजेंसी के निदेशक जगन नारायण पद्मनाभन ने कहा है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के आने से मौजूदा और उद्योग में आए नये विनिर्माताओं, दोनों के लिए अवसर हैं। उन्होंने कहा कि ईवी उद्योग से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने के लिए सरकार बैटरी की अदला-बदली की नीति तैयार करने पर विचार कर रही है।

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