पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य, आयात निर्भरता होगी कम

News Date 08 Jun 2021

पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य, आयात निर्भरता होगी कम

देश में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण के साथ पेट्रोल की बिक्री का नोटिफिकेशन जारी, देश का पैसा बचेगा

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से हर कोई परेशान है। सरकार भी चाहती है कि महंगे तेल के आयात पर देश की निर्भरता कुछ कम हो। इसके लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए मोदी सरकार ने अगले दो साल में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखा है, जिससे देश को महंगे तेल आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। 


देश की जरुरत का 85 प्रतिशत ईंधन का होता है आयात

भारत अपनी फ्यूल के जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है और अपनी जरूरत की 85 प्रतिशत फ्यूल आयात किया जाता है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की स्कीम लेकर आई थी। मोदी सरकार इथेनॉल स्कीम का नया लक्ष्य तय किया है जिसके तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य कम करके 2023 कर दिया है।


राष्ट्रीय बायोफ्यूल पॉलिसी 2018 : पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेंडिंग 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य

भारत हर साल क्रूड का आयात करने के लिए भारी मात्रा में मुद्रा खर्च करता है। इससे देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में फ्यूल को लेकर अपनी आत्मनिर्भरता बढ़ाने व अन्य देशों पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार इथेनॉल स्कीम चला रही है। राष्ट्रीय बायोफ्यूल पॉलिसी 2018 के तहत 2030 तक पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेंडिंग को 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए देश में बायोफ्यूल के उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। पिछले साल सरकार ने 10 प्रतिशत मिश्रण 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था और 2030 तक इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया था। उसके बाद इसे आगे बढ़ाकर 2025 किया गया था। अब इसे और आगे बढ़ाकर 2023 कर दिया गया है। 


इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री का नोटिफिकेशन जारी

सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करके सभी ऑयल कंपनियों को यह निर्देश दिया है कि देश में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण के साथ इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री की जाए। यह नोटिफिकेशन 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी होने वाला है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयात करने वाला देश है।


वर्तमान में पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनॉल का मिश्रण जारी

इथेनॉल सप्लाई साल हर साल अक्टूबर से शुरू होता है। इस साल भारत सरकार पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य लेकर चल रही है। 10 प्रतिशत मिश्रण दर को प्राप्त करने के लिए कम से कम 4 बिलियन लीटर इथेनॉल की जरूरत पड़ेगी। वहीं 2023 में 20 प्रतिशत मिश्रण प्राप्त करने के लिए 10 बिलियन लीटर की जरूरत पड़ेगी।


सरप्लस चीनी से बनेगा इथेनॉल

इथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी इंडस्ट्री 6 मिलियन टन सरप्लस चीनी को परिवर्तित करेगी। जिससे 7 बिलियन इथेनॉल का उत्पादन किया जा सके। वहीं बाकी बचे हुए इथेनॉल के उत्पादन के लिए अनाज का उपयोग किया जाएगा। आपको बता दें कि इथेनॉल पर्यावरण के लिए भी अच्छा होता है। भारत में 2008 से पेट्रोल में ई 10 या 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित करने की अनुमति है। हालांकि उपलब्धता की कमी के कारण 6 प्रतिशत से कम इथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जाता है। मंत्रालय के अनुसार, वित्तीय वर्ष 18 में पेट्रोल में मात्र 4.22 प्रतिशत इथेनॉल ही मिलाया गया था।


इथेनॉल गैस स्टेशन का भी होगा निर्माण

पिछले साल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी थी कि ग्राहकों को वाहन इंजन के लिए 100 प्रतिशत पेट्रोल व इथेनॉल का विकल्प चुनने को मिलेगा। इथेनॉल गैस स्टेशन से गन्ना किसानों को भी लाभ पहुंचेगा। भारत में इथेनॉल गैस स्टेशन का भी निर्माण किया जाएगा, वर्तमान में यह रेसिंग विमान के लिए भी इस्तेमाल में लाया जाता है।


जानें, क्या होता है इथेनॉल

इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाडिय़ों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इथेनाल का उत्पादन यूं तो मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होता है लेकिन शर्करा वाली कई अन्य फसलों से भी इसे तैयार किया जा सकता है। इससे खेती और पर्यावरण दोनों को फायदा होता है।

 

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