भारतबेंज और IIT मद्रास ने मिलाया हाथ, फ्यूचर मोबिलिटी सॉल्यूशंस पर करेंगे काम

News Date 06 Sep 2022

भारतबेंज और IIT मद्रास ने मिलाया हाथ, फ्यूचर मोबिलिटी सॉल्यूशंस पर करेंगे काम

भारतबेंज और IIT मद्रास ने रिसर्च पार्क में एमओयू पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की

भारतीय स्टार्टअप कंपनियों की पहचान करने, सलाह देने और सेवा के अवसर प्रदान करने के लिए डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स की ब्रांड भारतबेंज ट्रक्स निर्माता ने हाल ही आईआईटी मद्रास इन्क्यूबेशन सेल के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। मद्रास के रिसर्च पार्क में आयोजित इस साझेदारी उद्घाटन कार्यक्रम में भारतबेंज ने यह एमओयू पर हस्ताक्षर करने की बाकायदा घोषणा की। इस समझौता ज्ञापन की शर्तों के अनुसार भारतबेंज और आईआईटी मद्रास मोबिलिटी डोमेन में प्रोद्योगिकी संचालन के समाधान विकसित करने के लिए एक मंच के साथ ये दोनों कंपनियां टेक स्टार्टअप प्रदान करेंगी। ट्रक जंक्शन की इस पोस्ट में आपको इस समझौता ज्ञापन के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की जाएगी। इस पोस्ट को अधिक से अधिक  शेयर और लाइक करें।

क्या कहते हैं डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स के एमडी

डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकलस के प्रबंध निदेशक और सीईओ, सत्यकाम आर्य ने भारतबेंज और आईआईटीएमआईसी के साथ हुई साझेदारी पर कहा है कि भारत तेजी से औद्योगिक और आर्थिक परिवर्तनों के दौर से गुजर रहा है। प्रोद्योगिकी आगे बढऩे वाले व्यवसायों और जीवन शैली का मुख्य आधार होगा। डेमलर ट्रक वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में तकनीकी विकास में हमेशा सबसे आगे रहा है। हमने लंबी अवधि के लिए भारत में निवेश किया है। हम इसकी विशाल क्षमता में विश्वास रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि IITMIC  के साथ  DICV की साझेदारी एक महत्वपूर्ण क्षण है क्योंकि यह सहयोग एक आम धारणा पर आधारित है कि प्रोद्योगिकी का निर्माण किया जाना चाहिए, और बाजार को बदलने के लिए लीवरेज किया जाना चाहिए, ना कि सिर्फ उत्पाद की पेशकश। हम यह भी मानते हैं कि भारतीय प्रोद्योगिकी स्टार्टअप कंपनियों का भविष्य काफी उज्ज्वल है। इनमें इन्वेस्ट और पोषण करके हम भारत के कमर्शियल व्हीकल्स एवं इनके लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में योगदान देंगे।

डीआईसीवी और आईआईटीएमआईसी करेंगे मिलकर काम

बता दें कि डीआईसीवी और आईआईटीएमआईसी के बीच हुए एमओयू के अनुसार ये दोनों समूह भारतीय मोबिलिटी स्पेस के लिए भविष्य के समाधान खोजने की दिशा में मिल कर काम करेंगे। डीआईसीवी भारतीय ऑटोमोटिव स्पेस पहला और एकमात्र ओईएम है जिसने भविष्य के मोबिलिटी सॉल्यूशंस के लिए आईआईटीएमआईसी जैसे एकेडमिक के साथ भागीदारी की है। ये दोनो कंपनियां भारतीय प्रोद्योगिकी स्टार्टअप को इन्क्यूबेट करेंगी।

इन प्रमुख बिंदुओं पर रहेगा फोकस

डीआईसीवी की सहयोगी कंपनी भारतबेंज और आईआईटी मद्रास के बीच हुए समझौता के तहत भविष्य में मोबिलिटी सॉल्यूशंस की दिशा में जिन बिंदुओं पर फोकस रहेगा उनमें इलेक्ट्रिक, हाईड्रोजन, सडक़ सुरक्षा, दक्षता से जुड़े वाहन, डेटा एनालिटिक्स, स्वच्छ और प्रदूषण रहित वातावरण का निर्माण आदि सभी की तैयारियों को लेकर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इनके अलावा सप्लाई, रसद एवं मैन्युफैक्चरिंग, उत्पाद विकास, सॉफ्टवेयर से संचालित होने वाले वाहन, इनकी वास्तुकला, ईएसजी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में मौजूदा स्वरूप को बदलने के लिए उद्योग विकसित किए जाएंगे। डीआईसीवी और आईआईटीएमआईसी पूरे भारत में स्टार्टअप को मजबूत करने के लिए कमर्शियल वाहन डोमेन की विशेषज्ञता एवं शिक्षा में आईआईटीएमआईसी की दक्षता का लाभ उठाएंगे। इनकी साझेदारी उभरती टेक्नॉलॉजी में नये प्रयोग की सुविधा प्रदान करने एवं इनकी लंबे समय तक  की मोबिलिटी सॉल्यूशंस के साथ निर्माण करने में सक्षम बनाएगी। यही भारत के विकास का अगला चरण होगा।

डीप-टेक स्टार्ट-अप की खोज प्रमुख कार्य रहेगा

IITMIC और DICV के बीच हुई साझेदारी के संदर्भ में आईआईटी मद्रास के अध्यक्ष प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला ने कहा है कि आईआईटीएमआईसी भारत में डीप-टेक इन्क्यूबेटर में सबसे आगे है। डेमलर ट्रक दुनिया के अग्रणी भारी वाहन निर्माताओं में से एक है। यह भारत में दुनिया के लिए वाहन डिजायन करता है। भूमिगत ईंधन पर आधारित वाहनों को जल्द ही बैटरी से चलने वाले या हाइड्रोजन से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल दिया जाता है। इसलिए इस क्षेत्र में नये प्रयोग एवं डीप टेक स्टार्ट-अप की खोज एक प्रमुख कार्य होगा। आने वाले कल यानि भविष्य में डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स एवं आईआईटीएमआईसी ये दोनों कंपनियां परंपरागत ईंधन से मुक्त वाहन मालिकों की दुनिया के लिए प्रेरणा का काम करेंगे। IITMIC और DICV संगोष्ठियों, मंचों के आयोजनों में विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इस तरह से स्टार्ट-अप भी विकसित होंगे क्योंकि वे इनकी शक्तियों का लाभ उठाएंगे।

डीआईसीवी की डिजिटलाइजेशन की यात्रा में नई पहल

बता दें कि डीआईसीवी की डिजिटलाइजेशन यात्रा 2019 में शुरू हुई थी। इस यात्रा के एक हिस्से के रूप में आईआईटीएमआईसी के साथ समझौता हुआ है।  यह भविष्य की मोबिलिटी के सॉल्यूशंस को चलाने के लिए भारत के अग्रणी डीप-टेक स्टार्ट-अप हब है। इसी के तहत आईआईटी मद्रास ने रिसर्च पार्क में को-इन्क्यूबेसन सेल की स्थापना की।

डीआईसीवी एनालिटिक्स की परत बनाएगी

भारतबेंज और आईआईटी मद्रास के बीच हुए समझौते के तहत डीआईसीवी कंपनी अपने बिजनेस की गहराइयों को जानने के लिए एनालिटिक्स की एक परत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।  इससे व्यावसायिक प्रक्रियाओं में कुशलता आएगी, ग्राहकों की सूचनाओं का डिजिटलीकरण होगा और अन्य सभी कार्यक्रमों को सक्षम बनाया जा सकता है। डीआईसीवी ने लगातार विकसित होने वाली व्यावसायिक समाधानों के लिए नियमित बेस पर हैकथॉन की मेजबानी करने की भी योजना बनाई है।

डीआईसीवी की सहयोगी कंपनी भारतबेंज और आईआईटी मद्रास के बीच हुई साझेदारी से निश्चित रूप से भविष्य में वाहनों की मोबिलिटी के सॉल्यूशंस में मदद मिलेगी। यही नहीं इस समझौते से भारत के विभिन्न स्टार्ट-अप भी विकसित होंगे। वहीं इससे देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
 

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