कयर उद्यमी योजना : उद्योग लगाने के लिए सरकार से मिलेगी  4 लाख सब्सिडी

News Date 16 Aug 2021

कयर उद्यमी योजना : उद्योग लगाने के लिए सरकार से मिलेगी  4 लाख सब्सिडी

प्रधानमंत्री कयर उद्यमी योजना : ट्रक व्यवसायियों का भी बढेगा बिजनेस  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने नारियल उत्पादित राज्यों के श्रमिकों के लिए कुटीर उद्योग लगाने की अनूठी योजना संचालित की है। यह है प्रधानमंत्री कयर उद्यमी योजना। यदि आप भी इस योजना के तहत अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले इस योजना के बारे में जानना बहुत जरूरी है। आपको यहां बता दें कि इस योजना से भारत के करीब 7 लाख से अधिक कामगारों को रोजगार मिल रहा है। इनमें अधिकांश महिला श्रमिक हैं। नारियल उत्पादित राज्यों के  ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न आय वर्ग के लोगों का जीवन स्तर ंऊचा उठाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कयर उद्यमी योजना ( Coir Udyami Yojana ) काफी कारगर साबित हो रही है। कयर शब्द जूट से संबंधित है और जूट की अनेक कीमती उपयोगी वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। इनकी बाजार में खासी डिमांड हर सीजन में बनी रहती है। वैसे तो कयर बोर्ड भारत सरकार द्वारा 1953 में स्थापित किया गया था लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी सरकार ने जो कयर उद्यमी योजना लांच की है वह निश्चित रूप से छोटे उद्योग शुरू करने के लिए लाभकारी है। यदि आपके पास इस तरह का उद्योग शुरू करने के लिए कुल लागत की 5 प्रतिशत राशि भी है तो चिंता की कोई बात नहीं। सरकार आपको 40 प्रतिशत की सब्सिडी देगी। इसके अलावा बैंक से भी आपको 55 प्रतिशत का लोन आसानी से मिल जाएगा। इसके अलावा बड़े स्तर पर उद्योग स्थापित करने के लिए कयर उद्यमी प्रधानमंत्री योजना बोर्ड द्वारा परियोजनाओं के तहत  10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। 


कौन-कौन कर सकते हैं आवेदन  

कयर उद्यमी योजना के लिए निजी तौर पर उद्योग लगाने का इच्छुक कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है। इसके अलावा बड़े स्तर पर उद्योग स्थापित करने के लिए कंपनी, स्वयं सहायता समूह, गैर सरकारी संगठन, समाज, सहकारी समितियां एवं चेरिटेबल ट्रस्ट कयर उद्यमी योजना में आवेदन कर  सकते हैं। 


आवेदन कैसे और कहां करें 

नारियल जूट आधारित उद्योग लगाने  के लिए कयर उद्यमी योजना में आवेदन के लिए कयर बोर्ड ऑफिस, जिला उद्योग केंद्र, कयर परियोजना कार्यालय, पंचायत एवं नोडल एजेंसियों में जाकर आवेदन किया जा सकता है। यहीं नहीं यदि आपको आवेदन डाउनलोड करना है तो एप्लीकेशन फार्म कयर की वेबसाइट http://coirboard.gov.in पर जाएं। यहां आपको फार्म उपलब्ध हो जाएगा। इसे सीधे कयर बोर्ड फील्ड ऑफिस या जिला उद्योग केंद्र के जरिए जमा करा दें। 


क्या हैं आवश्यक दस्तावेज 

प्रधानमंत्री कयर उद्यमी योजना के अंतर्गत आवेदन के साथ जो आवश्यक दस्तावेज चाहिएं वे इस प्रकार हैं- 

  • जिस जगह पर आप अपना उद्योग लगाना चाहते हैं उस स्थान के नक्शे की फोटो प्रतिलिपि। 
  • कयर इंडस्ट्री का अनुभव प्रमाण पत्र यदि आपने कहीं प्रशिक्षण लिया है तो अवश्य इसे आवेदन के साथ लगाएं। 
  • उद्योग के लिए जो आपने प्रोजेक्ट तैयार किया है उसकी प्रोफाइल
  • कयर बोर्ड द्वारा आयोजित प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र 
  • इनवॉइस के साथ खरीदी जाने वाली मशीनें  
  • डीआईसी द्वारा जारी औद्योगिक स्थापना प्रमाण पत्र 
  • कंस्ट्रक्शन के प्लान का इंजीनियर के द्वारा प्रमाण पत्र 
  • इसके अलावा अपना पासपोर्ट साइज का फोटो, आधार कार्ड, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करें। 


कयर उद्यमी योजना में मिलेंगी ये सुविधाएं 

कयर योजना में कई प्रकार की सुविधाएं सरकार की  ओर से उद्यमियों को दी जाती हैं। यदि एक साथ जोड़ कर कलस्टर बनाया जाता है तो ऐसे समूह को व्यापार सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलाव कोई उद्यमी यदि किसी प्रदर्शनी या  अपने उत्पाद के लिए व्यापारिक मेले में जाता है तो सभी खर्चे बोर्ड द्वारा वहन किए जाते हैं। बोर्ड किराया का शो रूम दिलाने में मदद करता है। वहीं कलस्टर में काम करने वाले सभी कयर श्रमिकों को बोर्ड की ओर से निर्धारित वेतन दिया जाता है। 


कौन-कौन से उत्पाद बनाए जा सकते हैं 

आपको बता दें कि कयर उद्यमी योजना में नारियल उत्पाद आधारित कई तरह की उपयोगी कीमती वस्तुएं तैयार की जाती हैं। इनमें फर्श पर बिछाई जाने वाली नारियल जूट की चटाई, झाडू, फनाश, दरवाजे का  पायदान, ब्रश, गद्दे और फोम के गद्दे आदि विभिन्न प्रकार के उपयोगी उत्पाद बनाए जा सकते हैं। इन सभी प्रकार के उत्पादों की बाजार मेंं  वर्ष पर्यन्त मांग बनी रहती है। 


इन राज्यों में है सबसे ज्यादा कयर उद्यमी योजना की जरूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की कयर उद्यमी योजना से उन राज्यों को सबसे अधिक फायदा होगा जहां नारियल उत्पादन अधिक होता है। नारियल उत्पादन में तमिलनाडु प्रदेश सबसे अव्वल स्थान पर आता है। यहां देश के कुल नारियल उत्पादन का 31 प्रतिशत उत्पादन होता है।  इसके बाद केरल में 27 प्रतिशत नारियल उत्पादन होता है। वहीं जिन अन्य प्रदेशों में नारियल की फसल होती है उनमें प्रमुख हैं-  आसाम, बिहार, ओडिसा, पश्चिमी बंगाल और आंध्रप्रदेश।  


कयर उद्यमी योजना से उत्पादित सामान के ट्रांसपोर्ट की बढेंगी और संभावनाएं 

केंद्र सरकार की ओर से नारियल उत्पादित राज्यों में नारियल जूट से बनने वाले सामान के उद्योगों को बढावा दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार द्वारा 5 प्रतिशत लागत राशि पर 4 लाख रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। इससे नारियल आधारित उत्पादों के उद्योग धंधों का विस्तार होगा और सामान के ट्रांसपोर्ट की विपुल संभावना हैं। मौजूदा समय में भी हजारों की संख्या में नारियल उत्पादित राज्यों से नारियल के परिवहन के अलावा नारियल जूट से निर्मित सामान को भी एक राज्य से दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है। अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को इससे रोजगार मिल रहा है। 

 

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