सडक़ों का बदलेगा डिजायन, वाहनों की गति सीमा बढ़ाने की सिफारिश

News Date 30 Jul 2021

सडक़ों का बदलेगा डिजायन, वाहनों की गति सीमा बढ़ाने की सिफारिश

सडक़ों का बदलेगा डिजायन : राजमार्गों की स्थिति सुधारने के लिए केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने दिए जरूरी निर्देश

देश में सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से नए प्रोजेक्ट के तहत सडक़ों के डिजायन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सडक़ों में तकनीकी सुधार के लिए स्थानीय अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने का काम सौंपा गया है। इन नए सुधारों को जल्द लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में यह भी कहा गया कि सडक़ सुरक्षा के मुद्दे को हल करने के लिए मंत्रालय स्तर पर बहुआयामी रणनीति तैयार की गई है। सरकार का प्रयास है कि हर साल होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं में लोगों को अकाल मौतों से बचाया जाए इसके लिए सडक़ों में भी आधुनिक तकनीकी सुधार आवश्यक हैं। हालांकि देश के अधिकांश राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति पहले से बेहतर होने से सडक़ हादसों में कमी आने लगी है। 


साल 2019 में 4. 49 लाख लोगों की हुई सडक़ हादसों में मौत 

सडक़ दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही लोकसभा में वर्ष 2019 के सडक़ दुर्घटनाओं के आंकड़े प्रस्तुत किए। गडकरी ने कहा कि 2019 में सडक़ दुर्घटनाओं में 1 लाख 51 हजार  113 लोगों की मौत हुई थी जबकि वर्ष 2018 में 1 लाख 51 हजार 417 लोगों ने सडक़ हादसों में अपनी जान गंवाई थी। इसका अर्थ यह है कि वर्ष 2018 की तुलना में 2019 की सडक़ दुर्घटनाओं से 0.20 प्रतिशत कम लोगों की मौत हुई।  


इन कारणों से भी होती हैं सडक़ दुर्घटनाएं 

केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि सडक़  हादसों में आई कमी के कई कारण हैं। इनमें ओवर स्पीड,शराब पीकर गाडी चलाना, गलत साइड में ड्राइवर सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना, मोबाइल का इस्तेमाल करना आदि कारण हो सकते हैं। वहीं कुल सडक़ दुर्घटनाओं की बात की जाए तो वर्ष 2018 की तुलना में 2019 में 3.09 प्रतिशत कम सडक़ हादसे हुए। गडकरी ने कहा कि केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सडक़ पर ब्लैक स्पॉट यानि दुर्घटना संभावित क्षेत्र को चिन्हित कर उनमें सुधार किया है।  


गति सीमा बढाने की सिफारिश 

केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय राजमार्गों पर गति सीमा बढाने की सिफारिश की है। इसमें पहले से बीस किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से गति बढाने की सीमा रखी गई है। मंत्रालय ने कहा कि पहले से राजमार्गों की स्थिति में काफी सुधार आया है।   


स्वच्छ ऊर्जा स्त्रोतों पर जोर 

सडक़ सुरक्षा की दिशा में चल रहे अनेक तकनीकी सुधारों के तहत  केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने पब्लिक और लॉजिस्टिक को 100 प्रतिशत  स्वच्छ ऊर्जा  स्त्रोतों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। इसके अंतर्गत आगामी वर्ष 2022 तक 175 गीगावाट की ऊर्जा अक्षय स्त्रौतों के माध्यम से तैयार की जाएगी। 


यातायात के नियमों की करें पालना 

सडक़ हादसों में कमी कैसे की जाए? इसके लिए सबसे पहले जरूरी है कि वाहन चालक को यातायात के नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। अनेक वाहन चालक यातायात के नियमों की खुली अवहेलना करते हैं। इससे आए दिन सडक़ हादसों में अनेक लोगों की मौत हो जाती है। कहां कितनी स्पीड रखनी चाहिए। सडक़ की बांई ओर चले या दाई ओर, खतरनाक मोड पर गति धीमी रखें, स्पीड ब्रेकर या गड्ढों का ध्यान रखें। ड्राइवर सीट के पास एक से अधिक व्यक्ति नहीं हो। सीट बैल्ट का उपयोग अवश्य करें। दुपहिया वाहन चालक हैलमेट अनिवार्य रूप से पहने।  इस तरह से यदि यातायात नियमों की पालना सही तरीके से हो तो काफी हद तक सडक़ हादसों में कमी आएगी। यातायात विभाग और परिवहन विभाग की ओर से भी हर साल सडक़ सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। इसमें यातायात नियमों की जानकारी दी जाती है।  
 

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