इलेक्ट्रिक ट्रक चार्जिंग नेटवर्क : वोल्वो, डेमलर, ट्रैटन ने किया 593 मिलियन डालर का निवेश

News Date 06 Jul 2021

इलेक्ट्रिक ट्रक चार्जिंग नेटवर्क : वोल्वो, डेमलर, ट्रैटन ने किया 593 मिलियन डालर का निवेश

इलेक्ट्रिक ट्रक और बसों की बिक्री को मिलेगा बढ़ावा, जानें, भारत में क्या है इलेक्ट्रिक ट्रक के मार्केट की स्थिति

डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। विश्व में इलेक्ट्रिक साइकिल, बाइक, स्कूटर, कार, ट्रैक्टर व ट्रक का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ में 2050 तक जलवायु तटस्थता हासिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। यूरोप के तीन प्रमुख वाहन निर्माता वोल्वो, डेमलर और वोक्सवैगन के एजी हैवी-ट्रक बिजनेस, ट्रैटन गु्रप ने यूरोप के चारों ओर इलेक्ट्रिक हैवी-ड्यूटी लॉन्ग-हॉल ट्रक और बसों के लिए हाई-परफॉर्मेंस पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों का एक नेटवर्क बनाने के लिए एक समझौते की घोषणा की। इस खबर को सबसे पहले रॉयटर्स ने जारी किया है। इस पोस्ट के अंत में आपको भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों की स्थिति के बारे में बताया गया है तो हमेशा बने रहें ट्रक जंक्शन के साथ।


महत्वपूर्ण स्थानों और राजमार्गों के करीब 1700 चार्जिंग पाइंट स्थापित होंगे

तीन प्रमुख यूरोपीय वाहन निर्माता वोल्वो, डेमलर और ट्रैटन यूरोन के महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थानों और राजमार्गों के करीब 1,700 चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने और संचालित करने के लिए 500 मिलियन यूरो (593 मिलियन अमरीकी डालर) का निवेश करेंगे। तीनों कंपनियां इस साल के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने और अगले साल परिचालन शुरू करने का इरादा रखती हैं। कंपनियों को उम्मीद है कि कि चार्ज पॉइंट की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी क्योंकि कंपनियां भविष्य के संयुक्त उद्यम के लिए अतिरिक्त भागीदारों की तलाश में है।


इलेक्ट्रिक ट्रकों और बसों की बिक्री को मिलेगा बढ़ावा

वोल्वो, डेमलर और ट्रैटन का संयुक्त उद्यम 2050 तक यूरोपीय संघ के कार्बन-तटस्थ माल परिवहन के लक्ष्यों की तैयारी के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में है। कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन चलाने के लिए सबसे पहले चार्जिंग सुविधाओं की जरूरत होती है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से पहले यह ट्रक मालिक और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के लिए मुख्य समस्या है। चार्जिंग सर्विस के बुनियादी ढांचे का निर्माण करके, वोल्वो, डेमलर और ट्रैटन भी इलेक्ट्रिक ट्रकों और बसों की अपनी बिक्री को बढ़ावा देने की उम्मीद कर सकते हैं।


2050 तक जलवायु तटस्थता हासिल करना यूरोप के ट्रक निर्माताओं का संयुक्त उद्देश्य

डेमलर ट्रक के सीईओ मार्टिन ड्यूम ने एक बयान में कहा कि 2050 तक जलवायु तटस्थता हासिल करना यूरोप के ट्रक निर्माताओं का संयुक्त उद्देश्य है।  उन्होंने कहा कि हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि सडक़ पर सीओ 2-न्यूट्रल ट्रकों को लगाने के साथ-साथ सही बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाए। इसलिए हम वोल्वो और ट्रैटन गु्रप के साथ मिलकर पूरे यूरोप में एक उच्च-प्रदर्शन चार्जिंग नेटवर्क स्थापित करने के लिए यह अग्रणी कदम उठाते हुए बहुत उत्साहित हैं।


जलवायु संबंधी मुद्दों को हल करने के लिए एक साथ काम

आपको बता दें कि वोल्वो और डेमलर के बीच साझेदारी अभूतपूर्व नहीं है। मई में इन दोनों कंपनियों ने लागत को कम करने और उत्पादन की मात्रा को बढ़ावा देने के लिए लंबी दूरी के ट्रकों के लिए हाइड्रोजन ईंधन कोशिकाओं का उत्पादन करने के लिए मिलकर काम किया है। यह नवीनतम उद्यम एक और संकेत है कि उद्योग में जलवायु संबंधी मुद्दों को हल करने के लिए प्रमुख कंपनियां एक साथ काम कर रही हैं।


यूरोपीय कार उद्योग संघ को 2030 तक चाहिए 50 हजार चार्जिंग पॉइंट्स 

यूरोपीय कार उद्योग संघ एसीईए ने 2030 तक 50 हजार उच्च-प्रदर्शन चार्जिंग पॉइंट्स की मांग की है। ट्रैटन के सीईओ मैथियास गु्रएन्डलर ने रॉयटर्स को बताया कि 2050 तक पूरी तरह से विद्युतीकृत होने के लिए यूरोप के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए लगभग 10 बिलियन यूरो की आवश्यकता होगी।
वोल्वो द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, यह उद्यम उद्योग में हिस्सेदारी रखने वाले अन्य लोगों के लिए भी एक कॉल टू एक्शन है, जैसे कि वाहन निर्माता या सरकारें, जलवायु लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए आवश्यक तेजी से विस्तार सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना होगा। 


45 मिनट के आराम के दौरान व रातभर कर सकेंगे चर्ज

हालांकि चार्जिंग स्टेशन ब्रांड-अज्ञेयवादी होंगे और बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन बेड़े संचालक लंबी दूरी के परिवहन के लिए यूरोपीय 45 मिनट की अनिवार्य आराम अवधि के दौरान फास्ट चार्जिंग दोनों का उपयोग करने में सक्षम होंगे और रात भर चार्ज भी कर सकेंगे। संयुक्त उद्यम एम्स्टर्डम से बाहर अपनी कॉर्पोरेट पहचान के तहत काम करेगा। वोल्वो, डेमलर और ट्रैटन के पास उद्यम में समान शेयर होंगे लेकिन अन्य सभी क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा करना जारी रखेंगे।

 

भारत का पहला इलेक्ट्रिक ट्रक : टाटा अल्ट्रा टी (Tata Ultra T.)

  • टाटा अल्ट्रा टी (Tata Ultra T.) देश का पहला इलेक्ट्रिक ट्रक है। 
  • इसमें 62.5 kWh की क्षमता का बैटरी पैक प्रयोग किया है जो कि तकरीबन 245 kW यानी (328 hp) की पावर और 2,800 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। 
  • इस इलेक्ट्रिक ट्रक में DC फास्ट चार्जिंग सिस्टम का भी प्रयोग किया है जो कि इसकी बैटरी को जल्द से जल्द चार्ज करता है। 
  • टाटा अल्ट्रा टी इलेक्ट्रिक ट्रक को चार्ज करने में महज 2 घंटे का समय लगता है। 
  • इसके केबिन में कुल 3 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। 
  • इसमें बेहतर टर्न अराउंट टाइमिंग, ज्यादा लोडिंग कैपिसिटी और शॉर्प टर्निंग सर्किल जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
  • इस ट्रक की टॉप स्पीड 80 किलोमीटर प्रतिघंटा है। 
  • इसमें टेलेस्कोपिक इंटीग्रेटेड हाइड्रोलिक पावर स्टीयरिंग और एयर ड्रम ब्रेक्स दिए गए हैं। 
  • ट्यूबलेस रेडियल टायर बेहतर परफॉर्मेंस और ड्राइविंग प्रदान करते हैं।

 

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