इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में 8 प्रतिशत वृद्धि की संभावना

News Date 23 Mar 2022

इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में 8 प्रतिशत वृद्धि की संभावना

बढ़ते इनपुट और कंपोनेंट लागत से इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों पर दबाव 

इलेक्ट्रिक वाहनों के इनपुट एवं कंपोनेंट में वृद्धि के कारण इन वाहनों की कीमतों में निकट भविष्य में करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इसे लेकर ईवी निर्माता कंपनियां काफी दबाब के दौर से गुजर रही हैं। भारत के इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता सभी इलेक्ट्रिक मॉडल में वृद्धि का मानस बना चुके हैं। यह वृद्धि अगले महीने से शुरू होने वाली बोर्ड की बैठक में 6 से 8 प्रतिशत तक आंकी जा रही है। बता दें कि टाटा मोटर्स और एथर एनर्जी सहित कुछ कंपनियां पहले ही कीमतों में वृद्धि कर चुकी हैं। वहीं हीरो इलेक्ट्रिक और काइनेटिक ग्रीन एनर्जी जैसी अन्य कंपनियां कीमतों में बढोतरी की मात्रा की समीक्षा करने में जुटी हैं। यहां ट्रक जंक्शन की इस पोस्ट में आपको बताएंगे कि इलेक्ट्रिक वाहनों की निर्माता कंपनियों को क्यों कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 

रूस-यूक्रेन युद्ध से भी पड़ रहा असर 

इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में वृद्धि की संभावना का एक कारण पिछले करीब 28 दिनों से चले आ रहे रूस-यूक्रेन युद्ध का भी असर है। बता दें कि रूस पूरी दुनिया को 20 प्रतिशत निकल धातु की आपूर्ति करता है जो कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में एक महत्वपूर्ण तत्व है। हर निर्माता मार्जिन के दबाव का सामना कर रहा है। इधर ऑटोमोटिव बिजनेस इंटेलीजेंस के वैश्विक आपूर्तिकर्ता जाटो डायनोमिक्स के अध्यक्ष रवि भाटिया का कहना है कि अपस्ट्रीम कच्चे माल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। पिछले कुछ वर्षों में निकल, लिथियम और अन्य सामग्रियों की बढ़ती कीमतों पर रूस-यूक्रेन की स्थिति का प्रभाव पड़ा है।

 ईवी बैटरी की कीमतें 5 प्रतिशत अधिक होंगी

उम्मीद है कि पिछले साल की तुलना में औसत ईवी बैटरी की कीमतें 5 प्रतिशत अधिक होंगी। ईवी निर्माता वेट एंड वाच की स्थिति से गुजर रहे हैं। वे यह भी सोच रहे हैं कि कीमत वृद्धि एक हद तक खरीदारी को कम कर सकती है। हीरो इलेक्ट्रिक के सीईओ सोहिंदर गिल और सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के डायरेक्टर जनरल ने कहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल लागत में बैटरी की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत है। बैटरी सप्लायर्स ने ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स पर भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। बैटरी आपूर्तिकर्ताओं से कम से कम 20 से 22 प्रतिशत इनपुट लागत दबाव है। सभी ओईएम एक ही नाव में सवार हैं। हम सभी का अध्ययन कर रहे है। जल्द ही कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा करेंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड में आई तेजी 

यहां बता दें कि पूरे देश में ही इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड बढ़ रही है। सरकारी प्रोत्साहन नीति और सब्सिडी आदि के कारण लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पसंद कर रहे हैं। यदि दिल्ली की बात करें तो यहां वर्ष 2022 में 14 मार्च तक कुल 10,707 इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। बता दें कि जब दिल्ली सरकार ने ईवी नीति शुरू की थी तो उस समय उसी महीने 739 ई- वाहनों के रजिस्ट्रेशन किए गए। उसके बाद हर साल इसमें इजाफा हो रहा है। इसे देखते हुए सरकार ने 100 नये चार्जिंग स्टेशनों के लिए निविदाएं जारी की थीं। अभी दिल्ली में 500  चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने हैं। 
 

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