डीजल पेट्रोल का एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन 88% बढ़कर पहुंचा 3.35 लाख करोड़

News Date 02 Sep 2021

डीजल पेट्रोल का एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन 88% बढ़कर पहुंचा 3.35 लाख करोड़

सरकार को हुई है जबरदस्त आमदनी, लोकसभा में सामने आया आंकड़ा 

पेट्रोल की कीमतों में लगातार उछाल जारी है। देश के 17 राज्यों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है। कीमत में हो रही तेजी का बड़ा कारण पेट्रोल पर लगने वाले टैक्स हैं। पेट्रोल का रेट  आसमान छू रहा है, ऐसे में इतना ज्यादा टैक्स वसूल करना काफी ज्यादा है। लोकसभा मे दी गई जानकारी में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2020-21 में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ( excise duty ) कलेक्शन में 88 फीसदी का उछाल आया है। 88% बढ़ कर पेट्रोल डीजल पर लिए गए टैक्स के रूप में राशि 3.35 लाख करोड़ रूपए पहुंच गई। पेट्रोल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी की बात करें तो यह 19.98 रुपए से बढ़कर 32.90 रुपए तक पहुंची है। वहीं डीजल पर उत्पाद शुल्क 15.83 रुपए से 31.80 रुपए तक पहुंच चुकी है। 

कोरोना के बाद से पेट्रोल डीजल के मांग में आई बड़ी गिरावट

कोरोना के बाद से पेट्रोल के मांग में बड़ी गिरावट देखी गई। पेट्रोलियम स्टेट मिनिस्टर रामेश्वर तेली ने कहा, 2020 में कोरोना के आने के बाद से विश्व भर में बंदी रहा था, जिससे पेट्रोल के भाव में अचानक एक बड़ी गिरावट आई थी। मांग में कमी की वजह से कई सालों के न्यूनतम स्तर तक पेट्रोल डीजल का भाव पहुंच चुका था। ऐसे में सरकार ने जमकर खरीदी भी की थी।

पेट्रोल डीजल भाव में वृद्धि का असर 

पेट्रोल और डीजल पर अधिक ड्यूटी लगने कई सेक्टर खासा प्रभावित हुए हैं। कहा जाता है कि हर सेक्टर की रीढ़ ट्रांसपोर्ट होता है, यदि पेट्रोल के दाम में इस तरह की तेजी रहती है तो ट्रांसपोर्ट काफी महंगा होता है। यही वजह है कि चाहें वह ऑटो सेक्टर हो, फूड कंज्यूमर सेक्टर हो, या कोई भी क्षेत्र का उद्योग हो। वे प्रभावित जरूर होते हैं। कई सरकार अलग अलग ड्यूटी लगाती है। पेट्रोल डीजल पर टैक्स राजस्थान, बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, झारखंड, ओडिशा के राज्य सरकारों ने भी लगाए हैं। और टैक्स में वृद्धि भी की है।

पूरे वित्त वर्ष 3.35 लाख करोड़ रुपए का हुआ कलेक्शन

उत्पाद शुल्क यानी एक्साइज ड्यूटी का कलेक्शन 88% की वृद्धि के साथ 3.35 लाख करोड़ रुपए रहा है। जबकि विगत वित्तीय वर्ष की बात करें तो 2019-20 में ये कलेक्शन 1.78 लाख करोड़ रुपए रहा है। वार्षिक वृद्धि के हिसाब से इसमें 88% की तेजी दर्ज की गई। इससे भी पूर्व वित्तीय वर्ष 2018-19 में एक्साइज ड्यूटी का कलेक्शन करीब 2.13 लाख करोड़ रुपए था। 

वित्त वर्ष 2021-22 के पहली तिमाही में ही वसूले गए 1 लाख करोड़ रुपए

पेट्रोल की कीमतों पर लगाए गए टैक्स से इस वित्त वर्ष भी सरकार को जमकर आमदनी हुई है। वर्ष 2019-20 में उत्पाद शुल्क कलेक्शन 1.78 लाख हुआ, जिसके बाद से 88% की उछाल आई। लेकिन इस चालू वित्त वर्ष के पहली तिमाही में ही 1.01 लाख रुपए वसूला जा चुका है। पेट्रोल डीजल के अतिरिक्त एलपीजी , नैचुरल गैस, और क्रूड ऑयल पर टैक्स से भी सरकार को भारी आमदनी हुई है। वित्त वर्ष 2020-21 कुल एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन 3.89 लाख करोड़ रुपए रहा है। 

17 राज्यों में पेट्रोल 100 रुपए के पार 

देश के 28 राज्यों में से 17 राज्यों में पेट्रोल का भाव 100 रुपए का पार जा चुका है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, केरल, सिक्किम, ओडिशा पुडुचेरी आदि राज्यों में पेट्रोल का भाव 100 रुपए के पार जा चुका है। सिर्फ जुलाई मे ही करीब 9 बार पेट्रोल के भाव में वृद्धि हुई। जबकि विगत महीने जून और मई में 16-16 बार की कीमत में तेजी देखने को मिली

 

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