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सौरजेश कुमार
17 जून 2024

भारत में ऑटो रिक्शा बिजनेस स्टार्ट करने के 8 टिप्स

By सौरजेश कुमार News Date 17 Jun 2024

भारत में ऑटो रिक्शा बिजनेस स्टार्ट करने के 8 टिप्स

जानें भारत में ऑटो रिक्शा बिजनेस को स्टार्ट करने  के लिए 8 जरूरी बातें

ऑटो रिक्शा बिजनेस भारत में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यही वजह है कि देश में थ्री व्हीलर वाहनों की बिक्री में तेजी देखने को मिल रही है। यह एक बेहद प्रॉफिट वाला बिजनेस हो सकता है, अगर आप इसे एक सही स्ट्रेटजी से शुरू करते हैं। स्थानीय बाजार की जरूरतों को समझते हैं तो इस बिजनेस में आप आसानी से अच्छी खासी कमाई कर पाएंगे। देश में ट्रांसपोर्ट व्यापार का एक बड़ा क्रेज देखने को मिलता है। इसमें कार्गो और पैसेंजर दोनों शामिल है। दोनों ही सेगमेंट में ऑटो रिक्शा बिजनेस की मांग और प्रॉफिट में वृद्धि हुई है। 

गौरतलब है कि देश में लागत प्रभावी परिवहन को ज्यादा से ज्यादा वेटेज मिल रहा है। यही वजह है कि अब लोग इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी तेजी से काम कर रहे हैं। इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर को लोग ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल में ला रहे हैं। इसलिए अगर आप भी ऑटो रिक्शा बिजनेस की शुरुआत करना चाहते हैं तो इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए कर सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं। चलिए इस बिजनेस को शुरू करने और इसे आगे बढ़ाने के 8 बेहद महत्वपूर्ण टिप्स को जान लेते हैं।

1. मार्केट रिसर्च

ऑटो रिक्शा बिजनेस शुरू करने से पहले आप मार्केट रिसर्च जरूर कर लें। जिसमें स्थान का चुनाव, कंपटीशन का एनालिसिस और पैसेंजर प्रोफाइल आदि शामिल है। सबसे पहले आप अपने बिजनेस के लिए उपयुक्त स्थान चुनें, इस प्रक्रिया में आप कंपटीशन की एनालिसिस कर सकते हैं जैसे किसी पर्टिकुलर एरिया में कितने ऑटो रिक्शा पहले से चल रहे हैं, वहां की जनसंख्या कितनी है और उनके सर्विस की क्वालिटी कैसी है..! इन सब बातों का ध्यान रखते हुए अपने बिजनेस के लिए बेहतर से बेहतर जगह का चुनाव करें। इस प्रक्रिया में आप पैसेंजर या कार्गो परिवहन के बिजनेस को भी एनालाइज कर सकते हैं और अपने हिसाब से सूटेबल बिजनेस को चुन कर बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं।

2. लाइसेंस और परमिट

ऑटो रिक्शा चलाने के लिए सभी जरूरी लाइसेंस और परमिट का होना जरूरी है। यह इस बिजनेस में बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि लाइसेंस और परमिट के बिना बिजनेस में कई कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस प्रक्रिया में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और जरूरी ट्रांसपोर्ट परमिट लेना होगा। इसके अलावा नगर निगम के भी अलग अलग नियम होते हैं जिसकी शर्तों को पूरा करने के लिए जरूरी लाइसेंस और परमिट प्राप्त करें।

3. फाइनेंसिंग और बजटिंग5. ड्राइवर का चयन और उन्हें ट्रेनिंग देना

बिना फाइनेंस और बजट का अंदाजा लगाए इस बिजनेस को शुरू करना उचित नहीं होता। इसलिए फाइनेंस और बजट का अनुमान जरूर लगाएं। साथ ही ऑटो रिक्शा की खरीद के लिए लगने वाली प्रारंभिक पूंजी के अलावा आप बैंक लोन, सरकारी सब्सिडी आदि की भी पूरी जानकारी ले सकते हैं। बता दें कि भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी प्रदान करती है। 31 जुलाई से पहले तक भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS) लागू है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर की खरीद पर सरकार अधिकतम 50 हजार रुपए तक की सब्सिडी प्रदान करती है। इस प्रकार आप सरकार से मिलने वाली सब्सिडी का लाभ पाने का प्रोसेस भी डीलर्स से प्राप्त कर सकते हैं।

4. ऑटो रिक्शा का चयन

अपने बिजनेस के लिए सही ऑटो रिक्शा का चयन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। सही ऑटो रिक्शा के चयन में आप कुछ जरूरी बातों का ध्यान रख सकते हैं जैसे ऑटो रिक्शा की प्राइस, ऑटो रिक्शा के फीचर्स, खासियत, ड्यूरेबिलिटी और ब्रांडिंग। ब्रांडिंग पर लोग कई बार ज्यादा ध्यान न देते हुए गलती करते हैं। जो जितना अच्छा ब्रांड होगा उसका आफ्टर सेल सर्विस भी उतना ही अच्छा होता है। साथ ही अच्छे ब्रांड के रिक्शा लेने पर उसके मेंटेनेंस आदि की कॉस्ट में भी कमी आती है। साथ ही ऑटो रिक्शा ज्यादा अच्छा कंफर्ट और वैल्यू प्रदान कर पाते हैं।

अगर आप ऑटो रिक्शा बिजनेस की शुरुआत बड़े स्तर पर कर रहे हैं तो आप अपने बिजनेस के लिए ड्राइवर की हायरिंग आसानी से कर सकते हैं। ड्राइवर के जरिए आप अपना ऑटो बिजनेस कर सकते हैं और अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसके लिए आप अनुभवी और विश्वसनीय ड्राइवर को नियुक्त कर सकते हैं, जिसके पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस हो और उन्हें गाड़ी चलाने का भी अच्छा ज्ञान हो। इसके अलावा आप अपने ड्राइवर को सेफ्टी ट्रेनिंग आदि भी दे सकते हैं।

6. टेक्नोलॉजी का उपयोग

अपने वाहन को अगर आप किसी अन्य व्यक्ति के जरिए ऑपरेट कर रहे हैं तो आपको अपने वाहन की क्लियर लोकेशन पता होनी चाहिए। इसके लिए आप वाहन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगा सकते हैं और उससे अच्छी सुरक्षा और सर्विस दोनों सुनिश्चित कर सकते हैं।

7. सेफ्टी मेजर्स और कस्टमर सर्विस

अपने ग्राहकों के लिए बेहतर सेफ्टी मुहैया करवाना इस बिजनेस का पहली प्रायोरिटी होनी चाहिए। सेफ्टी में अग्निशमक यंत्र, फर्स्ट एड किट और सीट बेल्ट जैसी सुविधाएं आप ग्राहकों के लिए रख सकते हैं। साथ ही अगर आपकी सेवा बड़े स्तर पर लोगों को मिल रही है तो कस्टमर सर्विस का भी पूरा ध्यान रखें। कस्टमर सर्विस को आप कस्टमर फीडबैक से ट्रैक कर सकते हैं। इसके लिए आप गूगल या सोशल मीडिया पर अपने बिजनेस को लिस्ट कर सकते हैं। आपके ग्राहक आपकी सर्विस के हिसाब रेटिंग और फीडबैक प्रदान कर सकते हैं, जिसको देखकर आप अपने सर्विस में और भी ज्यादा इंप्रूवमेंट ला सकते हैं।

8. मार्केटिंग और ब्रांडिंग

अपने बिजनेस को आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से लोगों तक पहुंचा सकते हैं। वाहन के जरिए, पोस्टर या बैनर के जरिए आप अपने सर्विस या बिजनेस का प्रचार कर सकते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यम से आप अपने बिजनेस की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर सकते हैं।

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