देश में नहीं दौड़ सकेंगे ट्रकों सहित अन्य अवधिपार वाहन, सरकार ने बनाई सूची

News Date 02 Aug 2021

देश में नहीं दौड़ सकेंगे ट्रकों सहित अन्य अवधिपार वाहन, सरकार ने बनाई सूची

देश में नहीं दौड़ सकेंगे ट्रकों सहित अन्य अवधिपार वाहन  - सरकार ने बनाई सूची, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा 

अब देश में ट्रकों सहित अन्य अवधिपार वाहनों का संचालन नहीं हो सकेगा। इस संबंध में जारी की गई  पर्यावरण मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक और दिल्ली ये दो ऐसे राज्य हैं जहां अभी भी 20 साल से अधिक पुराने वाहन सडक़ों पर बेरोकटोक दौड़ रहे हैं। केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्वनी चौबे के अनुसार कर्नाटक और  दिल्ली में करीब 75 लाख से अधिक पुराने वाहन हैं। इनका संचालन रोजाना होता है। इनके अलावा केरल में 20. 67, पंजाब में 17. 32 लाख पुराने वाहन मौजूद  हैं। 


पुराने वाहनों की सूची में ये राज्य नहीं शामिल

पुराने वाहनों की सूची में  आंध्रप्रदेेश, मध्यप्रदेश, तेलंगाना और लक्ष्यद्वीप जैसे राज्यों को शामिल नहीं किया गया है। केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्वनी चौबे ने कहा है कि इन राज्यों को सूची से बाहर नहीं किया गया है क्योंकि ये सेंट्रलाइज वाहन पोर्टल नहीं हैं। पुराने वाहनों के अधिक संचालन के कारण दिल्ली और कर्नाटक में लोगों को भारी प्रदूषण का सामना करना पड़ता है। अगर दिल्ली की बात की जाए तो यहां सरकार की ताजा रिपोर्ट महत्वूर्ण है। वहीं अवधिपार वाहनों के संचालन में अगर दिल्ली की बात की जाए तो इस राज्य के लिए यह रिपोर्ट बहुत अधिक रिएक्ट करने वाली है। यही कारण है कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में पुराने वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के उद्देश्य से फैसला सुनाया था कि 10 साल से अधिक पुराना कोई भी रजिस्टर्ड  डीजल वाहन और 15 साल से पुराना कोई भी पेट्रोल वाहन दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में संचालित नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि दिल्ली हो या अन्य कई महानगर इनमें  निर्धारित अवधि से पार अधिक पुराने वाहनों का संचालन हो रहा है जिससे पर्यावरण पर विपरीत असर पड़ रहा है। इसे लेकर केंद्र सरकार गंभीर दिखाई दे रही है।   


वाहनों से फैलने वाले प्रदूषण की जांच की हो पर्याप्त सुविधा 

यह सच है कि पुराने वाहनों से सबसे अधिक प्रदूषण फैलता है लेकिन आज भी यदि देखा जाए तो स्माल सिटी से लेकर दिल्ली जैसे महानगरों में भी वाहनों की प्रदूषण जांच की पर्याप्त सुविधा नहीं है। यही कारण है कि पुराने वाहनों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्वनी चौबे ने पुराने वाहनों के संचालन से कितना प्रदूषण हो रहा है इसका कोई आंकलन नहीं  किया गया है। 


कारगर हो सकती है सरकार की नई स्क्रैपेज पॉलिसी 

डीजल ट्रक, पेट्रोल ट्रक अथवा पिकअप और टिप्पर, कार आदि अवधिपार वाहनों के संचालन को रोकने के लिए और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा केंद्र सरकार ने स्क्रैपेज पॉलिसी लाकर नया कदम उठाया है। यह कदम पोल्यूशन कंट्रोल में कारगर हो सकता है। सरकार की इस नई नीति के अंतर्गत पुराने वाहनों के मालिकों को अपने वाहन स्क्रैप कराने और इनके स्थान पर नए वाहन खरीदने पर रोड टैक्स में छूट दी जाएगी। यह प्राइवेट और कमर्शियल वाहन दोनों पर ही लागू रहेगी लेकिन प्राइवेट वाहन यानि कार आदि पर 25 प्रतिशत और वाणिज्यिक वाहनों की खरीद पर 15 प्रतिशत तक होगी। इसके अलावा कोई वाहन मालिक यदि अपने पुराने वाहन को रखना चाहते हैं तो उन्हे फिटनेस टेस्ट करवाना पड़ेगा। वहीं रोड टैक्स भी ज्यादा अदा करना पड़ सकता है। 


देश में  2. 15 करोड़ अवधिपार वाहन 

पर्यावरण राज्य मंत्री अश्वनी चौबे ने लोकसभा में बताया कि वर्तमान में देश की सडक़ों पर 2 करोड़ 15 लाख ऐसे पुराने वाहन हैं जो रोजाना दौड़ रहे हैं। ये वाहन अपनी लाइफ साइकिल को पार कर चुके हैं। यदि रिपोर्ट के अनुसार पहले स्थान पर कर्नाटक में 39.48 लाख पुराने वाहन हैं जबकि  दिल्ली में 36. 14 लाख पुराने व्हीकल्स सडक़ों पर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा तीसरे स्थान पर उत्तरप्रदेश में 26.20 लाख पुराने वाहन हैं। 

 

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