अशोक लेलैंड ने EXCON 2022 में किया 'सीएनजी इंजन एच सीरीज' का प्रदर्शन

News Date 18 May 2022

अशोक लेलैंड ने EXCON 2022 में किया 'सीएनजी इंजन एच सीरीज' का प्रदर्शन

सीएनजी इंजन क्षेत्र में अशोक लेलैंड बनेगा प्रमुख खिलाड़ी 

वाणिज्यिक वाहनों के निर्माण में प्रमुख भारतीय कंपनी अशोक लेलैंड निर्माण, खनन और ऑफ हाइवे वाहनों पर केन्द्रित नवीन सीएनजी इंजन श्रृंखला लेकर जल्द ही कमर्शियल व्हीकल मार्केट में आ रही है। बता दें कि हाल ही बंगलुरू में आयोजित दक्षिण एशिया के सबसे बड़े निर्माण उपकरण और प्रोद्योगिकी व्यापार मेले EXCON 2022 में अपने नये इंजन का प्रदर्शन किया है। अशोक लेलैंड के नये एच सीरीज इंजन में चार सिलेंडर और छह सिलेंडर इकाइयां शामिल हैं। यह निर्माण और ऑफ हाइवे सेगमेंट में पहला सीएनजी पावर प्लांट है। निर्माण, खनन और ऑफ हाइवे सेगमेंट में सामान्यतया वे वाहन शामिल होते हैं जो उत्खनन और कृषि कार्यों के लिए उपयोग में लाए जाते हैं। यह जरूरी नहीं कि इनको सडक़ों पर चलने की अनुमति दी जाए अथवा नहींं। ट्रक जंक्शन की इस पोस्ट में आपको बताते हैं अशोक लेलैंड की सीएनजी इंजन क्षेत्र में खुद को स्थापित करने की क्या विशेष योजना है? 

अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम 

यहां बता दें कि अशोक लेलैंड की सीएनजी इंजन क्षेत्र में पावरप्लांट श्रृंखला लाए जाने के पीछे जो मुख्य उद्देश्य है वह अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। नई श्रृृंखला पर टिप्पणी करते हुए अशोक लेलैंड के कार्यकारी अध्यक्ष हिंदुजा ने कहा कि इंजीनियरिंग में अशोक लेलैंड की विशेषज्ञता ने कंपनी के लिए सीएनजी इंजन क्षेत्र में प्रमुख खिलाड़ी के रूप में खुद को स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है, वहीं इसे जारी रखा जाएगा। इसलिए सीएनजी इंजन और प्रोद्योगिकी समाधानों के हमारे पोर्टफोलियो का विस्तार किया जा रहा है। कंपनी का यह भी कहना है कि इंजन ना सिर्फ प्रदर्शन और टार्क में सुधार करने के लिए है बल्कि ईंधन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए टर्बोचार्जर के साथ गियर आधारित टार्क कंट्रोलर का उपयोग करता है। 

यह है इंजन की विशेषता 

बता दें कि वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड के सीएनजी ट्रक्स काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। इसकी खोज आप ट्रक जंक्शन पर भी कर सकते हैं। यह वह बेवसाइट है जहां स्पष्ट जानकारी के साथ आप अशोक लेलैंड दोस्त सीएनजी मिनी ट्रक के अन्य मॉडलों के साथ इनकी तुलना कर सकते हैं। आपको अशोक लेलैंड दोस्त सीएनजी मिनी ट्रक ऑन रोड प्राइस पर मिल सकते हैं। अशोक लेलैंड दोस्त सीएनजी मिनी ट्रक के माइलेज के बारे में भी जानकारी कर सकते हैं। 

अशोक लेलैंड दोस्त सीएनजी मिनी ट्रक की विशेषताएं 

  • अशोक लेलैंड दोस्त सीएनजी मिनी ट्रक की कई विशेषताएं हैं जो इस प्रकार हैं-: 
  • अशोक लेलैंड दोस्त सीएनजी मिनी ट्रक की इंजन क्षमता 45 हॉर्स पावर की है। इसमें 105 एनएम टार्क उत्पन्न होता है। 
  • अशोक लेलैंड दोस्त सीएनजी मिनी ट्रक अधिकतम ग्रेडेबिलिटी और अच्छे टर्निंग रेडियस के साथ निर्मित है। 
  • इसके साथ ही 120 लीटर ईंधन टैंक क्षमता और 4 टायर हैं। इसमें 2245 किलो जीवीडब्ल्यू है। 
  • इसका स्टीयरिंग 5 स्पीड गियरबॉक्स के साथ मैन्युअल स्टेयरिंग है। 

पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दाम से बढ़ी सीएनजी की मांग 

बता दें कि देश में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जिससे वाहन संचालक चालक परेशान हैं। ऐसे में ट्रक ट्रांसपोर्टर भी वैकल्पिक ईंधन की ओर रुख कर रहे हैं। अभी इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन ज्यादा महंगे होने के कारण सीएनजी किट लगवाना ही ज्यादा लाभप्रद नजर आ रहा है। वहीं देश के सर्वाधिक प्रदूषण प्रभावित शहरों में सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में लगातार इजाफा हो रहा है। देश की राजधानी दिल्ली सहित मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, पुणे, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में वाणिज्यिक वाहनों में सीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन शहरों में काफी संख्या में थ्री व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल, पिकअप, मिनी ट्रक सीएनजी में चलते दिखाई देते हैं। निश्चित रूप से सीएनजी पर्यावरण के अनुकूल और सस्ता विकल्प है। हालांकि पिछले दिनों से सीएनजी की रेट भी डीजल और पेट्रोल के आसपास तक पहुंच गई थी। 

सीएनजी वाहनों से प्रदूषण नियंत्रित रहता है 

दिल्ली, मुंबई सहित देश के अधिकांश महानगरों में  लोग वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर के बीच रह रहे हैं। वायु प्रदूषण कम करने के लिए वाहनों का प्रदूषण कम करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। वाहनों का प्रदूषण सिर्फ तब कम होगा जब वाहन सीएनजी ईंधन या इलेक्ट्रिक से चलेंगे। यहां आपको बता दें कि कम्प्रेस्ड नैचुरल गैस या सीएनजी पर्यावरण के सबसे अनुकूल और प्रदूषण मुक्त ईंधन है। सीएनजी, पेट्रोल के मुकाबले न केवल सस्ती है, बल्कि 40 फीसदी ज्यादा माइलेज भी देती है। यदि आप एक वाहन के मालिक हैं और अब पारंपरिक ईंधन (पेट्रोल और डीजल) के बजाय सीएनजी आधारित प्रणाली में कहीं ज्यादा किफायती भी है। 

सीएनजी किट कैसे लगवाएं  

आपकों बता दें कि सीएनजी किट रेगूलेटर, हाई प्रेशर ट्यूबिंग, फिलिंग नोजल, होस क्लैंप और फ्यूल चेंज के ऑन / ऑफ स्विच के साथ आती है। बाजार में दो तरह की सीएनजी किट उपलब्ध है। वेंचुरी सीएनजी किट और सिक्वेंशियल सीएनजी इंजेक्शन किट। यहां आपको दोनों किटस् के बारे में जानकारी दी गई है।

1. वेंचुरी सीएनजी किट कितनी सुरक्षित 

आपको बता दें कि सुरक्षा के लिहाज से यह सीएनजी किट का सिंपल और शुरुआती वर्जन है। यह वर्जन बाई-फ्यूल सिस्टम पर काम करता है। वेंचुरी सीएनजी किट में न तो सेंसर होते हैं और न ही ईसीयू (इंजन कंट्रोल यूनिट) होता है। यह किट एक सीमित मात्रा में गैस को इंजन में भेजती है। इसलिए सुरक्षित ज्यादा मानी जाती है।  यह मात्रा थ्रॉटल पर निर्भर करती है। वेंचुरी सीएनजी किट एमपीएफआई सिस्टम के बजाय कार्बोरेटर से लैस पारंपरिक वाहनों के लिए आदर्श हैं। इस प्रणाली का प्रमुख लाभ यह है कि आप इसे कार्बोरेटर चालित या ईंधन से चलने वाले वाहनों में स्थापित कर सकते हैं। यह एक लागत प्रभावी उपकरण है।

2. सिक्वेंशियल सीएनजी किट 

सिक्वेंशियल सीएनजी किट वेंचुरी किट की तुलना में ज्यादा एडवांस है। बता दें कि यह आधुनिक किट है जो वर्तमान में प्रचलित वाहनों में उपयोग में लाई जा रही है। यह किट लेटेस्ट सेंसर और ईसीयू के साथ आती है। इसमें गैस इंजेक्टर्स को मौजूदा फ्यूल इंजेक्टर्स के साथ जोड़ा जाता है। साथ ही सीएनजी के लिए लगा विशेष ईसीयू गैस की मात्रा को नियंत्रित करता है। जैसे कि पेट्रोल के लिए लगा ईसीयू पेट्रोल की मात्रा को कंट्रोल करता है। यहां आप पेट्रोल से चलने वाले इंजन के मामले में मोटर की समान दक्षता की उम्मीद का सकते हैं। वाहनों का माइलेज भी वेंचुरी किट से बेहतर होता है। हालांकि, इस सिक्वेंशियल सीएनजी किट को केवल इलेक्ट्रॉनिक ईंधन इंजेक्शन प्रणाली वाले उन्नत ऑटोमोबाइल में स्थापित किया जा सकता है। इस गैजेट की लागत वेंचुरी किट से लगभग दोगुनी है। इस सीएनजी किट को स्थापित करने के लिए आपको कुशल और अनुभवी तकनीशियनों की आवश्यकता होती है।

सीएनजी कन्वर्जन किट लगवाना कितना फायदेमंद

यहां बता दें कि वाहनों में सीएनजी रूपांतरण किट लगाने के कई फायदे हैं। यदि आप एक पारंपरिक गैसोलीन वाहन के मालिक हैं, तो आपके लिए सीएनजी रूपांतरण किट की मदद से सीएनजी प्रणाली को अपनाना संभव है। वहीं पर्यावरण के अनुकूल  पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सीएनजी एक स्वच्छ ईंधन है। यह कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन को 90 से 97 प्रतिशत तक कम करता है, जबकि नाइट्रस ऑक्साइड उत्सर्जन लगभग 35 से 60 प्रतिशत तक कम हो जाता है। अन्य गैर-मीथेन हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन भी लगभग 50 से 70 प्रतिशत तक कम हो जाता है।  सीएनजी किट लगवाना सस्ता होता है। पेट्रोल और डीजल के अनुपात में सीएनजी की कीमत कुछ कम होती है। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में सीएनजी की कीमत कम है। सीएनजी एक सुरक्षित ईंधन और सीएनजी को एक सुरक्षित और बेहतर ईंधन के रूप में जाना जाता है। ऑटोमोबाइल में सीएनजी का उपयोग सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर विकल्प है। सीएनजी हवा की तुलना में हल्की होती है। यदि वाहन में दुर्घटना के कारण अगर रिसाव होता है तो सीएनजी के वायुमंडल में उच्च स्तर तक फैलने की संभावना अधिक होती है। सीएनजी को जलने के लिए 649 डिग्री तापमान की जरूरत होती है। वहीं पेट्रोल मात्र 315 डिग्री तापमान पर जल जाता है। इसलिए सीएनजी से आग लगने की आशंका कम  होती है। 

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