Delhi EV Policy 2026: 2027 से पुराने पेट्रोल/CNG ऑटो वालों के लिए क्या विकल्प हैं?
दिल्ली सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-2030 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसके तहत साल 2027 से राजधानी में पेट्रोल, डीजल या सीएनजी से चलने वाले तीन-पहिया वाहनों (थ्री-व्हीलर / ऑटो / टेंपो) का पंजीकरण पूरी तरह बंद हो जाएगा। अब सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स को ही दिल्ली की सड़कों पर दौड़ने की इजाजत मिलेगी।
यह कदम दिल्ली को ‘ईवी राजधानी’ बनाने और बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है। आइए जानते हैं इस नई पॉलिसी में थ्री-व्हीलर्स के लिए क्या है, कब से बदलेगा नियम, और कितनी सब्सिडी मिलेगी।
थ्री-व्हीलर पर सबसे सख्त पाबंदी: 2027 से केवल इलेक्ट्रिक
दिल्ली में प्रदूषण में वाहनों का योगदान लगभग 23% है। इसे कम करने के लिए सरकार ने सबसे पहले थ्री-व्हीलर सेगमेंट को टारगेट किया है। ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक:
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वाहन श्रेणी |
बैन की डेडलाइन |
नया नियम |
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पेट्रोल/डीजल/CNG थ्री-व्हीलर |
2027 से |
पूरी तरह बैन, नो रजिस्ट्रेशन |
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इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर |
2027 से अनिवार्य |
सिर्फ ई-ऑटो का ही रजिस्ट्रेशन |
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पेट्रोल टू-व्हीलर (बाइक/स्कूटर) |
2028 से |
सिर्फ ई-बाइक को मंजूरी |
मतलब साफ है कि अगर आप 2027 के बाद दिल्ली में नया ऑटो, टेंपो या कोई थ्री-व्हीलर लेना चाहते हैं, तो वह सिर्फ इलेक्ट्रिक हो सकता है। पेट्रोल, डीजल या सीएनजी वाला थ्री-व्हीलर दिल्ली में रजिस्टर ही नहीं होगा।
थ्री-व्हीलर खरीदारों के लिए भारी सब्सिडी का ऐलान
ई-ऑटो अपनाने को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने तीन साल तक सब्सिडी देने की घोषणा की है। यह सब्सिडी सीधे खरीदारों के खाते में आएगी।
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ई-ऑटो / ई-टेंपो) के लिए सब्सिडी:
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साल |
सब्सिडी राशि |
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पहला साल (2026-27) |
₹50,000 प्रति वाहन |
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दूसरा साल (2027-28) |
₹40,000 प्रति वाहन |
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तीसरा साल (2028-29) |
₹30,000 प्रति वाहन |
इसके अलावा, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% छूट दी जाएगी। स्क्रैपिंग (पुराना वाहन रद्द करने) पर भी ₹25,000 की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
यानी अगर आप 2026-27 में ई-ऑटो खरीदते हैं, तो ₹50,000 सीधी सब्सिडी + टैक्स में पूरी छूट + स्क्रैपिंग पर ₹25,000 यानी कुल मिलाकर ₹75,000 से अधिक का फायदा।
इलेक्ट्रिक गुड्स थ्री-व्हीलर (कार्गो ऑटो) को भी बढ़ावा
माल ढुलाई करने वाले थ्री-व्हीलर्स (N1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक गुड्स व्हीकल) के लिए और भी ज्यादा सब्सिडी का प्रावधान है:
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साल |
सब्सिडी राशि |
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पहला साल |
₹1,00,000 |
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दूसरा साल |
₹75,000 |
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तीसरा साल |
₹50,000 |
यह उन छोटे व्यवसायियों, दुकानदारों और लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों के लिए वरदान साबित होगी जो शहर में सामान ढुलाई का काम करते हैं।
स्कूल बसों और सरकारी बेड़े पर भी अनिवार्यता
सिर्फ थ्री-व्हीलर ही नहीं, पॉलिसी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है:
- स्कूल बसें: साल 2030 तक किसी भी स्कूल के कुल बस बेड़े का कम से कम 30% इलेक्ट्रिक होना अनिवार्य होगा। (जैसे 10 बसें हैं तो 3 ई-बसें)
- सरकारी बेड़ा (Government Fleet): अब कोई भी नई डीजल या पेट्रोल गाड़ी सरकारी विभाग नहीं खरीद सकेगा। पूरे बेड़े को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक किया जाएगा।
ई-बाइक और ई-कार खरीदारों को भी मिलेगा फायदा
दिल्ली सरकार की ईवी पॉलिसी में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और ई-कार खरीदारों को भी फायदा मिलेगा, जो इस प्रकार है:
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वाहन |
कीमत सीमा |
सब्सिडी (पहले साल) |
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ई-बाइक |
₹2.25 लाख तक |
₹30,000 (₹10,000 प्रति kWh) |
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ई-कार |
₹30 लाख तक |
₹50,000 (सिर्फ पहली 10,000 कारों पर) |
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स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड |
₹30 लाख तक |
50% रोड टैक्स छूट |
ई-कारों पर ₹30 लाख तक की कीमत पर 31 मार्च 2030 तक 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी जाएगी।
पॉलिसी कब से लागू होगी?
फिलहाल यह ड्राफ्ट पॉलिसी है, जिसे आम जनता और हितधारकों की राय के लिए 30 दिनों के लिए उपलब्ध कराया गया है। आप अपने सुझाव evpolicy2026@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं या परिवहन विभाग को पत्र भेज सकते हैं।
फीडबैक अवधि खत्म होने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा, और फिर यह पॉलिसी 2030 तक लागू रहेगी।
महत्वपूर्ण तारीखें:
- 2027 से – सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन
- 2028 से – सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन
- 2030 तक – 30% स्कूल बसें इलेक्ट्रिक
थ्री-व्हीलर पर क्यों है खास फोकस?
दिल्ली में लाखों ऑटो, टेंपो और कार्गो थ्री-व्हीलर रोजाना सड़कों पर दौड़ते हैं। इनमें से अधिकतर पुराने डीजल/CNG इंजन हैं, जो प्रदूषण के बड़े स्रोत हैं। सरकार का तर्क है कि थ्री-व्हीलर को जल्द से जल्द इलेक्ट्रिक करने से प्रदूषण में तुरंत कमी आएगी, क्योंकि यह सेगमेंट तेजी से बदलाव के लिए तैयार है। इसलिए पॉलिसी में थ्री-व्हीलर को सबसे पहले (2027) और सबसे अधिक सब्सिडी दी गई है।
निष्कर्ष: क्या यह कदम थ्री-व्हीलर ऑपरेटर्स के लिए अच्छा है?
हां, लेकिन जल्दी तैयारी जरूरी है। जो ऑटो चालक और छोटे व्यवसायी आज ही इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की तरफ बढ़ेंगे, उन्हें 2027 से पहले ही सब्सिडी का फायदा मिल जाएगा और वे नए नियमों के लिए तैयार रहेंगे। पुराने पेट्रोल/सीएनजी थ्री-व्हीलर वालों को सलाह है कि वे स्क्रैपिंग प्रोत्साहन का लाभ उठाकर ई-ऑटो में स्विच करें।
दिल्ली सरकार का यह बड़ा फैसला थ्री-व्हीलर सेगमेंट को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाने वाला भारत का पहला ठोस कदम है। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार और दूसरे राज्य इस मॉडल को कब अपनाते हैं।
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