साल 2021 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 163 प्रतिशत की वृद्धि

News Date 19 Mar 2022

साल 2021 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 163 प्रतिशत की वृद्धि

इलेक्ट्रिक व्हीकल सेल 2021 : इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्तरप्रदेश में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में लगातार वृद्धि हो रही है। पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रति लोगों का रूझान बढ़ाया है। वहीं केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर दी जा रही सब्सिडी के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री नए रिकॉर्ड बना रही है। भारत में साल 2021 में ईवी के पंजीकरण में 163 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल 3 लाख 24 हजार 840 वाहन बेचे गए हैं। सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन उत्तरप्रदेश में बेचे गए हैं। ट्रक जंक्शन की इस पोस्ट में आपको इलेक्ट्रिक व्हीकल सेल 2021 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है, तो बने रहिए ट्रक जंक्शन के साथ। 

इलेक्ट्रिक व्हीकल सेल 2021 : जानें, किस तरह बढ़ी ईवी सेल्स

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री संबंधी आंकड़े पेश किए। इन आंकड़ों के अनुसार साल 2020 की तुलना में 2021 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 163 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार 2021 में 3,24,840 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए हैं जबकि पेट्रोल और डीजल के 1,83,12,760 वाहन पंजीकृत हुए। इस प्रकार पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना मेंं ईवी 1.7 प्रतिशत पंजीकृत हुए हैं। गडकरी ने जानकारी दी कि 2019-2020 और 2020-2021 के बीच, दोपहिया ईवी की बिक्री 422 प्रतिशत बढक़र 28,508 से 1,49,068, थ्री व्हीलर 75 प्रतिशत बढक़र 90,216 से 1,57,682 और चौपहिया वाहनों की बिक्री 230 प्रतिशत बढक़र 4,695 से 15,860 हो गई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 2021 : जानें, किस राज्य में कितने वाहन बिके

राज्य सरकारों की इलेक्ट्रिक व्हीकल सब्सिडी पॉलिसी में ईवी 2 व्हीलर, ईवी 3 व्हीलर और ईवी 4 व्हीलर के लिए सब्सिडी का प्रावधान होने से इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ रही है। 2021 के दौरान उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक ईवी 66,702 की संख्या में बेचे गए। इसके बाद कर्नाटक में 33,307, तमिलनाडु में 30,037, महाराष्ट्र में 29,860 और दिल्ली में 25,809 ईवी की बिक्री हुई। साल 2020 के मुकाबले 2021 में उत्तरप्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 113.38 प्रतिशत बढ़ी है, कर्नाटक में 242 प्रतिशत, तमिलनाडु में 427 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 318 प्रतिशत और दिल्ली में 109 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यहां आपको बता दें कि साल 2019 में 1,64,852 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, वहीं 2020 में 1,23,528 व 2021 में 3,24,840 वाहनों का रजिस्टे्रशन हुआ है। कोविड के कारण साल 2020 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। 

पेट्रोल व डीजल वाहनों की बिक्री में गिरावट

देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण पेट्रोल-डीजल वाहनों की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। 2021 में पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री में -0.98 प्रतिशत की गिरावट रही। कुल 18,312,760 वाहनों का पंजीकरण हुआ। जबकि 2020 में यह 22.43 प्रतिशत और 2019 में 25 प्रतिशत कम थी।

जानें, इलेक्टिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और अपनाने को बढ़ावा देने के लिए 2015 में फेम इंडिया योजना लांच की। फेम इंडिया का पूरा नाम (Faster Adoption and Manufacturing of Hybrid and Electric Vehicles-FAME-India) है। 1 अप्रैल, 2015 से लागू इस योजना के तहत वर्ष 2022 तक देशभर में 60-70 लाख हाइब्रिड और इलेक्ट्रिकल वाहन सडकों पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करते हुए ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन में कमी लाना है। सरकार का मानना है कि फेम इंडिया योजना के लक्ष्य प्राप्त होने पर करीब 950 करोड़ लीटर पेट्रोल एवं डीजल की खपत में कमी आएगी, जिससे इस पर खर्च होने वाले 62 हज़ार करोड़ रुपए की भी बचत होगी। फेमइंडिया के तहत डीजल और पेट्रोल की जगह हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, कार, तिपहिया वाहन और हल्के व भारी कमर्शियल वाहनों (HCV) के लिये देशभर में अवसंरचना तैयार की जा रही है। 

फेम इंडिया के दूसरे चरण में 10 हजार करोड़ की सहायता देगी सरकार

देश में फेम इंडिया का दूसरा चरण 1 अप्रैल 2019 से चल रहा है। इसे 5 साल के लिए लागू किया गया है। केंद्र सरकार ने फेम इंडिया (FAME India) दूसरे चरण के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। इस चरण में सार्वजनिक और साझा परिवहन के विद्युतीकरण का समर्थन करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है और सब्सिडी के माध्यम से 7090 ई-बसों, 5 लाख ई-थ्री व्हीलर, 55,000 ई-4व्हीलर पैसेंजर कारों और 10 लाख ई-व्हीलर्स को समर्थन देने का लक्ष्य है। योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह वाहन की बैटरी क्षमता के अनुसार प्रदान की जाती है। इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर और इलेक्ट्रिक 4 व्हीलर के लिए 10,000 रुपए प्रति द्मङ्खद्ध के अनुसार सब्सिडी प्रदान की जाती है। वहीं इलेक्ट्रिक 2 व्हीलर के लिए सब्सिडी 15,000 रुपए प्रति किलोवाट घंटे के अनुसार निर्धारित की गई। पहले यह 10 हजार रुपए थी। 

बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों को परमिट की छूट

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बैटरी चालित परिवहन वाहनों को परमिट की आवश्यकता से छूट भी दी है। सरकार ने 12 अगस्त, 2020 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बिना बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और पंजीकरण के संबंध में एक एडवाइजरी जारी की। एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि बिना बैटरी वाले वाहनों को टेस्ट एजेंसी द्वारा जारी टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट के आधार पर बेचा और पंजीकृत किया जा सकता है। राज्यों को यह भी सूचित किया गया कि माल और यात्रियों की ढुलाई के उद्देश्य से सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को परमिट से छूट दी गई है। 

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