गंगा एक्सप्रेस वे : अब 11 घंटे का सफर मात्र 6 घंटे में होगा पूरा

News Date 07 Jul 2021

गंगा एक्सप्रेस वे : अब 11 घंटे का सफर मात्र 6 घंटे में होगा पूरा

Ganga Expressway :  ट्रांसपोर्ट वाहनों का ईंधन बचेगा, जानें, सभी खास बातें

देश का दूसरा सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे जल्द मिलने वाला है। इस एक्सप्रेस वे को ‘गंगा एक्सप्रेस वे’ के नाम से जाना जाएगा। कुल 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे उत्तरप्रदेश के पश्चिमी हिस्से को राज्य के पूर्वी हिस्से से जोड़ेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य सितंबर से शुरू होगा। इसकी घोषणा उत्तरप्रदेश राज्य सरकार ने की है। उत्तरप्रदेश सरकार के अनुसार गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 83 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। इस परियोजना की कुल लागत 36 हजार करोड़ रुपए है और इसे आगामी 26 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।


गंगा एक्सप्रेस वे : 120 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन 

गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ जिले के जुड़े नेशनल हाईवे संख्या 334 पर बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांडू गांव तक बनाना प्रस्तावित है। इस एक्सप्रेस वे से यूपी के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिले लाभान्वित होंगे। वहीं इस एक्सप्रेस-वे से करीब 519 गांव जुड़ेंगे। प्रस्तावित योजना के अनुसार गंगा एक्सप्रेस-वे 6 लेन की होगी जिसका विस्तार 8 लेन तक किया जा सकेगा। इस एक्सप्रेस वे पर सफर भी आधे समय में तय होगा। दिल्ली और प्रयागराज के बीच यात्रा समय मौजूदा 10-11 घंटे से घटकर सिर्फ 6-7 घंटे रहने की उम्मीद है। वहीं शीर्ष रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे निर्धारित की गई है जो भारत में उच्चतम गति मानी जाती है। इस एक्सप्रेस-वे पर गंगा नदी पर करीब एक किलोमीटर लंबा पुल और रामगंगा नदी पर 720 मीटर लंबा दूसरा पुल प्रस्तावित है।

 

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लॉजिस्टिक सेक्टर : ट्रांसपोर्ट वाहनों को होगी ईंधन की बचत

मुख्यमंत्री योगी पूर्व में कह चुके हैं कि गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़े सभी 12 जनपदों में औद्योगिक क्लस्टर तैयार किए जाएंगे। उद्योगों के विकास और निवेश के लिए प्रदेश में अनुकूल माहौल है। इस एक्सप्रेस-वे से प्रतिदिन ट्रांसपोर्ट के वाहन ट्रक, पिकअप, कंटनेर, मिनी ट्रक, ट्रैक्टर, बस, ट्रांजिट मिक्चर आदि हजारों की संख्या में गुजरेंगे और कम समय में ज्यादा दूरी तय करेंगे। इससे ईंधन की बचत होगी जो देश और ट्रांसपोर्ट व्यापारियों के लिए हितकर है।


वाहनों को केवल विशिष्ट टोल प्लाजा से मिलेगा प्रवेश, 14 बड़े पुल होंगे

गंगा एक्सप्रेसवे में वाहनों को प्रवेश करने और बाहर निकलने की अनुमति केवल विशिष्ट टोल प्लाजा के माध्यम से होगी। इस एक्सप्रेस वे पर दो मुख्य टोल प्लाजा होंगे, जो मेरठ और प्रयागराज में बनेंगे। इसके अलावा रास्ते में 15 रैंप टोल प्लाजा भी होंगे। गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब 14 बड़े पुल, 126 छोटे पुल, 929 पुलिया, 7 आरओबी, 28 फ्लाईओवर और 8 डायमंड इंटरचेंज होंगे। रेलवे ओवरब्रिज की चौड़ाई 120 मीटर होगी। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेस वे पर 9 जनसुविधा परिसर भी बनाए जाएंगे।


गंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य 12 भागों में विभाजित

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए 12 पैकेजों में विभाजित किया गया है। कार्य प्रगति की नियमित एवं गहन समीक्षा की जाएगी। गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई मेरठ में 15 किमी, हापुड़ में 33 किमी, बुलंदशहर में 11 किमी, अमरोहा में 26 किमी, संभल में 39 किमी, बदायूं में 92 किमी, शाहजहांपुर में 40 किमी, हरदोई में 99 किमी और उन्नाव में 105 किमी, रायबरेली में 77 किमी, प्रतापगढ़ में 41 किमी और प्रयागराज में 16 किमी होगी।

 

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स्थानीय लोगों के लिए बनेगा सर्विस रोड, हवाई पट्टी भी बनेगी

गंगा एक्सप्रेस वे से जुड़े जिलों के स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए एक्सप्रेस-वे के एक किनारे पर 3.75 मीटर चौड़ाई की सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा, जिससे परियोजना क्षेत्र के आसपास के गांवों के निवासियों को सुगम परिवहन मिल सके। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे पर एक हवाई पट्टी का निर्माण भी होगा, जिससे भारतीय वायु सेना के विमान आपात स्थिति में उतर सकेंगे। हवाई पट्टी का निर्माण सुल्तानपुर जिले में प्रस्तावित है। वहीं आवारा पशुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर रोक के लिए एक्सप्रेस-वे के किनारे कंक्रीट की चारदीवारी का निर्माण किया जाएगा। 


मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे के लिए कुल 7283 हेक्टेयर जमीन चाहिए

मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे के लिए कुल 7203.0209 हेक्टेयर जमीन की जरुरत है। इसमें से 696.1781 हेक्टेयर जमीन सरकारी या ग्राम समाज आदि की है। इस तरह की जमीन का पुनर्ग्रहण की प्रक्रिया जारी है। वहीं 24 हजार 855 बैनामों से अब 4409.2813 हेक्टेयर भूमि की खरीद की जा चुकी है। गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन बैनामे की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। हर दिन बैनामे हो रहे हैं। किसानों के लिए मुआवजा घोषित हो रहा है। जल्द ही बैनामे और शेष अधिग्रहण की कार्रवाई पूर्ण हो जाएगी। शिलान्यास की सूचना यूपीडा की ओर से जारी की जाएगी।


गंगा एक्सप्रेस-वे से औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट है। बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के बाद यह गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान देगा। इनके बन जाने से यूपी में कनेक्टिविटी की सुविधा बेहतरीन हो जाएगी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। पश्चिमी उत्तरप्रदेश के मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला गंगा एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। इस एक्सप्रेसवे के निकट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान, ऑटोमोबाइल सेक्टर आदि की स्थापना के लिए आसान अवसर सुलभ होंगे। 

 

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