Rakesh Khandelwal

भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों का विस्तार तेज, अक्टूबर 2026 में 8,000 ट्रकों के लिए दो बड़े एमओयू

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भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों का विस्तार तेज, अक्टूबर 2026 में 8,000 ट्रकों के लिए दो बड़े एमओयू
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इलेक्ट्रिक ट्रक से बदलेगी माल ढुलाई? Tata Motors-Amazon और BikeWo-Green Drive Mobility के बड़े प्लान

क्या भारत की माल ढुलाई व्यवस्था में इलेक्ट्रिक ट्रकों का दौर तेजी से शुरू होने वाला है? अक्टूबर में सामने आए दो बड़े समझौतों ने इस सवाल को चर्चा में ला दिया है। Tata Motors–Amazon और BikeWo GreenTech–Green Drive Mobility की साझेदारियों के जरिए कुल 8,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल सिर्फ प्रदूषण घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ट्रांसपोर्ट कंपनियों के खर्च और लॉजिस्टिक्स के बिजनेस मॉडल को भी प्रभावित कर सकती है। हालांकि, असली चुनौती इन ट्रकों को सड़कों पर उतारने, चार्जिंग व्यवस्था बनाने और डीजल के मुकाबले लागत का फायदा साबित करने की होगी। जानिए इन समझौतों की पूरी कहानी और इंडस्ट्री पर इनके संभावित असर।

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BikeWo Green Tech और Green Drive Mobility: 5,000 इलेक्ट्रिक ट्रक का लक्ष्य

हैदराबाद स्थित BikeWo GreenTech ने Green Drive Mobility के साथ देशभर में 5,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों का फ्लीट तैयार करने के लिए एमओयू किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य लास्ट-माइल डिलीवरी से लेकर लंबी दूरी तक माल ढुलाई में इलेक्ट्रिक ट्रकों का इस्तेमाल बढ़ाना है। इसके तहत औद्योगिक माल परिवहन, रिटेल और क्षेत्रीय सप्लाई चेन की जरूरतों को पूरा करने पर फोकस किया जाएगा।

यह एक बहुवर्षीय साझेदारी है। इसके तहत BikeWo GreenTech चरणबद्ध तरीके से Green Drive Mobility में 150 करोड़ रुपये तक निवेश करने की योजना बना रही है। इस राशि का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक ट्रकों की खरीद, परिचालन सुविधाओं के विकास और टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

Green Drive Mobility के पास पहले से 350 से अधिक इलेक्ट्रिक ट्रक और करीब 8,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन हैं। कंपनी More Retail, DHL और Gati जैसी कंपनियों को लॉजिस्टिक्स सेवाएं देती है। इस साझेदारी में Green Drive Mobility अपने फ्लीट संचालन के अनुभव का इस्तेमाल करेगी, जबकि BikeWo GreenTech फाइनेंसिंग और इलेक्ट्रिक ट्रकों के फ्लीट के विस्तार में सहयोग करेगी।

BikeWo GreenTech के सीईओ हितेन पाल सकलानी के अनुसार, दोनों कंपनियां मिलकर माल ढुलाई के लिए एक बड़ा ग्रीन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना चाहती हैं। इसके लिए चरणबद्ध निवेश, अन्य संस्थागत कंपनियों के साथ साझेदारी और लंबे समय तक टिकाऊ रहने वाले बिजनेस मॉडल पर काम किया जाएगा।

हालांकि, 5,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों को सड़कों पर उतारने की समयसीमा और उनकी चरणबद्ध तैनाती की विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।

Tata Motors और Amazon India: 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक, दिल्ली से शुरुआत

Amazon ने भारत में अपने ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लिए Tata Motors के साथ 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक तैनात करने की साझेदारी की है। Tata Motors लाइट और मीडियम-ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रक सप्लाई करेगी, जिनमें Tata Ultra E.7 भी शामिल है। ट्रक का स्वामित्व और संचालन Amazon के कैरियर पार्टनर्स के पास रहेगा।

पहले चरण की तैनाती त्योहारी सीजन में दिल्ली से शुरू हो चुकी है। अगले चरणों में 2,800 किलोमीटर के दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई फ्रेट कॉरिडोर (NH 48) को कवर करने की योजना है। इस रूट पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जिंग प्रदाता Yahhvi के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है। Tata Motors के ट्रक बिजनेस हेड और वाइस प्रेसिडेंट राजेश कौल ने कहा कि कंपनी सिर्फ वाहन देने तक सीमित नहीं है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विसिंग और ऑपरेशनल सपोर्ट भी साथ में दिया जाएगा।

2026 में इलेक्ट्रिक ट्रक तैनाती: मुख्य घोषणाएं और स्थितियां

कंपनी / ऑपरेटर

2026 की घोषणा / बेड़ा लक्ष्य

वर्तमान स्थिति और विवरण

Amazon India (Tata Motors)

3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक

शुरुआती चरण दिल्ली से शुरू; NH-48 कॉरिडोर पर विस्तार योजना।

UltraTech Cement

600+ इलेक्ट्रिक ट्रक

दिसंबर 2026 तक लक्ष्य; सालाना 50 लाख टन सामग्री परिवहन से 1.17 लाख टन CO₂ उत्सर्जन कम करने की योजना।

BillionE Mobility

250+ भारी प्राइम मूवर

Tata Prima E.55S की अप्रैल 2026 से डिलीवरी शुरू।

Energy in Motion

500 हेवी EVs

मुंबई-पुणे रूट से शुरुआत करते हुए 500 भारी कमर्शियल वाहनों का लक्ष्य।

UltraTech की रणनीति में खदान से प्लांट तक की ढुलाई और प्लांटों के बीच क्लिंकर का ट्रांसपोर्ट शामिल है। कंपनी के मुताबिक पूरा फ्लीट चालू होने पर सालाना 1.17 लाख टन से ज्यादा नेट CO₂ उत्सर्जन घट सकता है। इससे करीब 3.9 करोड़ लीटर डीजल की खपत भी बचेगी। कंपनी ने 2021 में CNG ट्रक और 2024 में इलेक्ट्रिक ट्रक लगाना शुरू किया था। अभी उसके पास CNG और इलेक्ट्रिक मिलाकर 850 से ज्यादा ट्रक हैं।

ट्रक ऑपरेटरों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदना कितना सही?

इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने से पहले अपने काम और रूट की जरूरतों को समझना जरूरी है। अगर आपका ट्रक रोजाना एक तय रूट पर चलता है और हर दिन डिपो या गोदाम पर लौटता है, तो इलेक्ट्रिक ट्रक आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। रूट पर चार्जिंग या बैटरी स्वैपिंग की सुविधा उपलब्ध होने से परिचालन आसान हो सकता है। साथ ही, ट्रक रोजाना ज्यादा चलता है, तो कम रनिंग कॉस्ट का फायदा मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

वहीं, अगर आपका काम लंबी दूरी की माल ढुलाई का है और रास्ते में चार्जिंग की पर्याप्त सुविधा नहीं है, तो फिलहाल डीजल ट्रक ज्यादा व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। खासकर तब, जब आपको कम समय में ईंधन भरवाकर दोबारा यात्रा शुरू करनी हो और देशभर में आसानी से उपलब्ध सर्विस नेटवर्क की जरूरत हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Que: BikeWo और Green Drive Mobility के एमओयू में कितने इलेक्ट्रिक ट्रक का लक्ष्य है?
Ans: कम से कम 5,000 इलेक्ट्रिक ट्रक का। BikeWo इसके लिए चरणबद्ध तरीके से ₹150 करोड़ तक निवेश करने का इरादा रखती है।

Que: Tata Motors-Amazon साझेदारी में कौन-से रूट कवर होंगे?
Ans: शुरुआत दिल्ली से हुई है। आगे 2,800 किमी के दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर (NH 48) को कवर करने की योजना है।

Que: क्या एमओयू का मतलब ट्रक का पक्का ऑर्डर है?
Ans: नहीं। एमओयू इरादे का दस्तावेज है। उपलब्ध रिपोर्ट्स में ऑर्डर वैल्यू और डिलीवरी शेड्यूल सार्वजनिक नहीं हैं।

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