दिल्ली-NCR में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों को हटाने की दिशा में सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। परिवर्तन योजना (PARIVARTAN Scheme) के तहत अक्टूबर 2026 तक करीब 25,000 पुराने ट्रक और बस मालिकों के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत पुराना वाहन बदलकर नया BS-VI या इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों को टैक्स छूट, ब्याज सब्सिडी, OEM डिस्काउंट और EV पर ₹2.56 लाख तक के नकद प्रोत्साहन जैसे कई आर्थिक फायदे दिए जा रहे हैं।
परिवर्तन (PARIVARTAN) का पूरा नाम है Programme for Accelerated Renewal and Incentivization of Vehicle Assets for Reducing Transport Air Pollution and Network Emissions। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 जून 2026 को इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसका कुल वित्तीय परिव्यय ₹9,585 करोड़ है। इसमें ₹5,041 करोड़ केंद्रीय बजटीय सहायता के रूप में शामिल है।
योजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-NCR में चल रहे BS-IV और उससे पुराने उत्सर्जन मानक वाले ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर BS-VI या उससे बेहतर मानक वाले तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) इस योजना को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) के जरिए लागू कर रहा है, जबकि आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) फंडिंग और PFMS के जरिए लाभ वितरण की जिम्मेदारी संभालता है। पूरी योजना की निगरानी कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली एक Empowered Committee करती है, जिसमें नीति आयोग, MoHUA, MoRTH, पेट्रोलियम मंत्रालय और NCR राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
योजना का डिजिटल प्लेटफॉर्म VAHAN, V-Scrap, DigiELV और PFMS जैसे सिस्टम से जुड़ा है, ताकि आवेदन, स्क्रैपिंग और सब्सिडी वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनाई जा सके।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव वी उमाशंकर ने 29 अगस्त 2026 को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मंत्रालय को उम्मीद है कि अक्टूबर 2026 तक 25,000 से अधिक पुराने वाणिज्यिक ट्रक और बस मालिक परिवर्तन योजना के तहत पंजीकरण करा लेंगे। योजना 14 जुलाई 2026 से शुरू हुई थी और लॉन्च के एक महीने के भीतर 1,300 से ज्यादा वाहन मालिक पंजीकरण करा चुके थे। 29 अगस्त तक यह आंकड़ा बढ़कर करीब 1,450 तक पहुंच गया।
योजना दिल्ली-NCR के कुल 37 जिलों को कवर करती है जिनमें दिल्ली के 13, हरियाणा के 14, उत्तर प्रदेश के 8 और राजस्थान के 2 जिले शामिल हैं। इससे करीब 1.9 लाख ट्रक और 16,329 बसों को फायदा मिलने की उम्मीद है। दिलचस्प बात यह है कि ट्रक-बस दिल्ली-NCR के कुल वाहनों का सिर्फ करीब 3% हिस्सा हैं, लेकिन क्षेत्र के कुल PM2.5 उत्सर्जन में इनका योगदान करीब 36% है। यही वजह है कि सरकार का फोकस खासतौर पर इन्हीं वाहनों को बदलने पर है।
दिल्ली एनसीटी में अकेले भारत स्टेज-4 (BS-IV) या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले दो लाख से अधिक ट्रक और बसें पंजीकृत हैं।
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प्रोत्साहन |
विवरण |
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मोटर वाहन कर में छूट |
नए वाहन पर 10 साल तक 100% टैक्स रियायत |
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पंजीकरण शुल्क माफी |
नए वाहन के रजिस्ट्रेशन पर पूरी छूट |
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ब्याज सब्सिडी |
वाहन ऋण पर 5 साल तक 5% ब्याज सहायता |
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OEM डिस्काउंट |
एक्स-शोरूम कीमत पर न्यूनतम 8% छूट |
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फ्यूल वाउचर |
नया BS-VI डीजल/CNG वाहन खरीदने पर 5 साल तक ₹4,800 प्रतिमाह तक का वाउचर |
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EV पर कैश इंसेंटिव |
पात्र इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने पर एक मुश्त ₹2.56 लाख तक की नकद सहायता |
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पेंडिंग लायबिलिटी माफी |
रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग फैसिलिटी से वाहन स्क्रैप कराने पर 1 साल से पुरानी बकाया देनदारी माफ |
नोट: ₹2.56 लाख तक का प्रोत्साहन विशेष रूप से पात्र इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की खरीद पर लागू है, न कि सभी नए वाहनों पर। यह वाहन की श्रेणी के अनुसार तय होता है। डीजल/CNG विकल्प चुनने वालों को टैक्स-रजिस्ट्रेशन छूट, ब्याज सब्सिडी, OEM डिस्काउंट और फ्यूल वाउचर जैसे फायदे मिलेंगे, EV जितना बड़ा एकमुश्त कैश इंसेंटिव नहीं।
15 वाहन निर्माता कंपनियां (OEM), जो कमर्शियल वाहन बाजार में 95% से ज्यादा हिस्सेदारी रखती हैं, इस योजना के तहत MoRTH के साथ समझौता कर चुकी हैं।
दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकारों ने पात्र नए वाहनों के लिए 10 साल तक की मोटर वाहन कर रियायत और पंजीकरण शुल्क में पूरी छूट से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पुराना वाहन कबाड़ में देकर नया कमर्शियल वाहन खरीदने वाले मालिकों की शुरुआती लागत कम करने में मदद मिलेगी।
परिवर्तन योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक योजना है जिसका मकसद दिल्ली-NCR में पुराने, ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल ट्रक-बस को कबाड़ में भेजकर BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है।
परिवर्तन योजना कब शुरू हुई?
इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 जून 2026 को मंजूरी दी थी और रजिस्ट्रेशन 14 जुलाई 2026 से शुरू हुआ।
अक्टूबर 2026 तक कितने वाहनों के पंजीकरण का लक्ष्य है?
मंत्रालय ने अक्टूबर 2026 तक करीब 25,000 पुराने ट्रक-बस मालिकों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा है।
अभी तक कितने वाहन मालिक पंजीकरण करा चुके हैं?
29 अगस्त 2026 तक करीब 1,450 पुराने ट्रक-बस मालिक पंजीकरण करा चुके हैं।
EV खरीदने पर अधिकतम कितनी सहायता मिल सकती है?
पात्र इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने पर मालिकों को वाहन श्रेणी के अनुसार ₹2.56 लाख तक की एकमुश्त नकद सहायता मिल सकती है।
यह योजना किन राज्यों में लागू है?
दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के NCR जिलों में यह योजना लागू है। कुल 37 जिले इसके दायरे में आते हैं।
BS-VI डीजल या CNG वाहन खरीदने पर क्या फायदा है?
इन वाहनों के लिए 5 साल तक ₹4,800 प्रति माह तक का फ्यूल वाउचर, 5% ब्याज सब्सिडी और 10 साल की टैक्स छूट जैसे फायदे मिलते हैं।