ऑटो सेक्टर : इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में 130 लाख मिलियन डॉलर का निवेश

News Date 10 Aug 2021

ऑटो सेक्टर : इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में 130 लाख मिलियन डॉलर का निवेश

इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेजी से बढी डिमांड, मैन्युफैक्चरर्स ने पकड़ी रफ्तार

कोविड-19 की  पहली और दूसरी लहर के कारण ऑटो सेक्टर में भी  सभी श्रेणी के  वाहनों के उत्पादन पर हुए विपरीत असर के चलते अब भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मांग तेजी से बढ रही है।  इधर मैन्युफैक्चरर्स  ने कोरोना महामारी में हुए नुकसान से उबरने के लिए इलेक्ट्रिक राह पकड़ ली है और इसमें तेजी से काम हो रहा है। आपको बता दें कि अब ट्रक, थ्री व्हीलर्स, टिप्पर, पिकअप एवं बसें बनाने वाली लगभग सभी कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन में रुचि दिखा रही हैं।  

इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट : अशोक लेलैंड और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों की इलेक्ट्रिक ईको सिस्टम में रुचि

कोरोना महामारी के दौर में अगर इलेक्ट्रिक व्हीकल (electric vehicle) मार्केट में बस मार्केट की बात की जाए तो वित्त वर्ष 2021 में बस मार्केट 80,000 यूनिट प्रतिवर्ष से घट कर 15,000 यूनिट ही रह गया।  ऐसे में भविष्य में और अधिक निराशा का सामना नहीं करना पड़े इसलिए अशोक लेलैंड और टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियां ईको सिस्टम को अपनाने के लिए तैयार हैं। यही नहीं आपको इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदना है इसमें भी कई कंपनियों ने एक से बढ कर एक नए मॉडल मार्केट में  पेश कर दिए हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन के लिए भारत सरकार भी लगातार प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी 2030 तक सडक़ों पर शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन ही संचालित हों। इसका मुख्य उद्देश्य  ईको सिस्टम में सुधार लाना और बढते प्रदूषण को कम करना है। मौजूदा दौर में कोरोना महामारी के बाद हुए घाटे से उबरने के लिए आटोसेक्टर में इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन एक अहम जरूरत भी बन गई है। 

इलेक्ट्रिक व्हीकल प्राइस : ये हैं बेस्ट इलेक्ट्रिक ट्रकों के मॉडल 

यदि आप किफायती दरों पर ट्रक खरीदना चाहते हैं तो अब इलेक्ट्रिक ट्रक बाजार में उपलब्ध हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल प्राइस / इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लिस्ट के लिए ट्रक जंक्शन में आप विजिट कर सकते हैं। थ्री व्हीलर्स हो या मिनी ट्रक अथवा छह से दस पहियों वाला ट्रक आपको इलेक्ट्रिक मॉडल में मिल जाएंगे। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लिस्ट में कंपनियों की बात की जाए तो ट्रकों में टाटा अल्ट्रा टी-7, महिंद्रा सुप्रो कार्गो वैन, पियाजियो आ सिटी, अतुल इलीट कार्गो के अलावा काइनेटिक सफर स्मार्ट थ्री व्हीलर के बेस्ट इलेक्ट्रिक मॉडल हैं। 

अशोक लेलैंड करेगा इलेक्टिक बस और वैन का उत्पादन

इलेक्ट्रिक वाहनों की तेजी से बढती डिमांड को देखते हुए अशोक लेलैंड कंपनी ने इलेक्ट्रिक बसों और वैन के निर्माण की हरी झंडी दे दी है। इसके लिए कंपनी ने यूके हेडक्वार्टर्स वाली इलेक्ट्रिक व्हीकल्स यूनिट स्विच में 130 लाख मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इससे यह कंपनी भारत के लिए इलेक्ट्रिक बसों और वैन का निर्माण करेगी। 

टाटा मोटर्स ने बेस्ट कंपनी को डिलीवर की 35 एसी इलेक्ट्रिक बसें, 340 बसों का हुआ है करार 

यहां आपकों बता दें कि किस तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग के बढने के साथ कई बडी कंपनियों ने वाणिज्यिक वाहनों के तौर पर बसों का उत्पादन कर दूसरी कंपनियों से करार भी कर लिया है। टाटा मोटर्स ने बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट यानि बेस्ट कंपनी के साथ 340 बसों की डिलीवरी का करार किया था। इसके अंतर्गत पहले चरण में बेस्ट को फुल एसी इलेक्ट्रिक 35 बसों की डिलीवरी कर दी  है। आपको बता दें कि टाटा  कंपनी बसों के अलावा संपूर्ण चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण भी करेगी। यह बस 12 मीटर लंबी है। बस में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं हैं। इसमें विकलांग यात्रियों के लिए आसान प्रवेश एवं निकास का एक  स्वचालित रैंप है। सीटें एग्रोनोमिक हैं। 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट 

इलेक्ट्रिक ईको सिस्टम को अपनाने के बारे में विशेषज्ञों की राय है कि अभी इसे पूरी तरह से अपनाने में  थोड़ा और वक्त लग सकता है। सबसे बढिया बात यह है कि तीसरी लहर का खतरा कम होता नजर आ रहा है। ऐसे में बस अपग्रेड को बजट में पेश करने के लिए  कंपनियां ध्यान केंद्रित कर रही हैं। अशोक लेलैंड कंपनी के एमडी और सीईओ विपिन सोधी ने कहा है कि इलेक्ट्रिक ईको सिस्टम को अपनाने में बेशक समय लग सकता है लेकिन फ्लीट अपग्रेडेशन के लिए निवेश करना डिमांड बढाने में मदद करेगा। बस कंपनियों का कहना है कि अधिकांश क्षमता निवेश पहले  ही हो चुका है इसलिए नए कारखानों की कोई वास्तविक जरूरत नहीं है। इसी तरह वॉल्वो ग्रुप के प्रेसिडेंट और एमडी कमल बाली ने कहा है कि हमारे पास पहले ही काफी  क्षमता है। बाजार में और अधिक तेजी आने तक इसमें इजाफा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा वेक्सीनेशन ड्राइव में तेजी आने के बाद इलेक्ट्रिक ऑटोमार्केट में प्रबल सुधार की संभावना है। 

बढ रहा है इलेक्ट्रिक ट्रकों का चलन  

सरकार की ओर से ईको सिस्टम में सुधार और पर्यावरण संवद्र्धन के लिए आजकल इलेक्ट्रिक ट्रकों के संचालन का  क्रेज तेजी से  बढ रहा है। सरकार वायु  प्रदूषण को नियंत्रित करना चाहती है ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन ही एकमात्र किफायती विकल्प है। लिथियम आयन बैटरी के लांच के साथ इलेक्ट्रिक ट्रकों की बिक्री बढ गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों में उच्च दक्षता है। इनकी परिवहन लागत भी कम है। पिछले एक दशक में इलेक्ट्रिक ट्रकों के फीचर्स मेंं भी खासा परिवर्तन आया है। इलेक्ट्रिक ट्रकों मेें तीन पहिया, मिनी ट्रक सहित कई वेरिएंट शामिल हैं। 

 

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